Salary Increment Railway: Big decision of Railway Ministry, both stipend and salary will be available: रेल मंत्रालय ने हाल ही में एक नया सर्कुलर जारी कर (railway employee salary update) में बड़ा सुधार किया है। इस सर्कुलर के मुताबिक, कोरोना लॉकडाउन के समय जो ट्रेनीज़ ट्रेनिंग के दौरान अपने घर पर रह रहे थे, उनकी उस अवधि को ‘ड्यूटी’ माना जाएगा। इसका मतलब है कि वे अब (salary hike news) के लिए पात्र हैं।
मंत्रालय ने साफ किया है कि ट्रेनिंग का समय, चाहे ट्रेनी स्टाइपेंड ले रहे हों या नहीं, पहले भी ड्यूटी के रूप में ही माना जाता था। इस बार खास तौर पर लॉकडाउन में घर पर रहे कर्मचारियों के लिए स्पष्ट किया गया है कि उन्हें भी सैलरी बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा।
लॉकडाउन अवधि में ट्रेनिंग मंत्रालय ने दिया स्पष्टीकरण Salary Increment Railway
एक क्षेत्रीय यूनिट द्वारा पूछे गए सवाल पर मंत्रालय ने यह सर्कुलर जारी किया है। सवाल पूछा गया था कि क्या लॉकडाउन में घर पर रह रहे ट्रेनीज़ को ड्यूटी माना जा सकता है? इस पर मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पहले ही 2020 में ऐसे निर्देश दिए जा चुके हैं।
(railway trainee stipend) को लॉकडाउन अवधि के लिए जारी करने की बात को दोहराते हुए मंत्रालय ने यह भी बताया कि कोई भी ट्रेनी अधिकतम 6 महीने तक ही घर पर रह सकता है। इसके बाद उनके ट्रेनिंग स्टेटस की समीक्षा की जाती है।
सैलरी बढ़ेगी, मिल सकता है स्टाइपेंड का बैकलॉग
मंत्रालय की पुनर्विचार प्रक्रिया के बाद यह तय हुआ है कि ट्रेनीज़ की उस अवधि को पूरी तरह ड्यूटी माना जाएगा, जिससे वे (salary boost railway staff) के पात्र बनते हैं। यह फैसला रेलवे कर्मचारियों के लिए एक राहत भरा कदम है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्होंने लॉकडाउन के दौरान घर से ट्रेनिंग की।
इस कदम से कर्मचारियों को न केवल सैलरी में इज़ाफ़ा मिलेगा, बल्कि (stipend during lockdown) के रूप में ट्रेनिंग स्टाइपेंड भी उन्हें बैकडेट से मिल सकता है।













