Selfie With Daughter: Selfie with Daughter: Campaign started from a small village in Haryana, which became a global campaign: हरियाणा के जींद जिले के बीबीपुर गांव से शुरू हुई एक छोटी सी पहल आज दुनिया भर में बेटियों के सम्मान का प्रतीक बन चुकी है। 9 जून 2015 को शुरू हुआ सेल्फी विद डॉटर अभियान भारत का एकमात्र ऐसा अभियान है, जिसने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।
इस अभियान ने न केवल बेटियों के प्रति समाज की सोच को बदला, बल्कि लिंग समानता और प्रेम को बढ़ावा देकर लाखों लोगों के दिलों में जगह बनाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर विश्व के मशहूर हस्तियों तक, इस मुहिम ने हर किसी को बेटियों के महत्व को समझाने में अहम भूमिका निभाई है।Selfie With Daughter
इस अभियान के संस्थापक सुनील जागलान ने बताया कि उनकी बेटी नंदिनी के जन्म के मौके पर उन्होंने एक सेल्फी सोशल मीडिया पर साझा की थी, जिसने इस अनूठी पहल की नींव रखी। पिछले दस वर्षों में यह अभियान इतना लोकप्रिय हुआ कि 80 देशों से 7.67 लाख से अधिक सेल्फी ऑनलाइन म्यूजियम में अपलोड हो चुकी हैं।
इस साल अकेले 70,000 सेल्फी इस म्यूजियम का हिस्सा बनीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम में आठ बार और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दो बार इस अभियान की तारीफ की है। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी इस मुहिम के बड़े समर्थक रहे।
सेल्फी विद डॉटर अभियान को अंतरराष्ट्रीय संगठन ओईसीडी और भारत के आर्थिक सर्वेक्षण में बेटियों के प्रति प्रेम और लिंगानुपात सुधार के लिए एक प्रभावी पहल बताया गया है। बॉलीवुड और हॉलीवुड के सितारों, जैसे शाहरुख खान, अजय देवगन, डेविड बेकहम और किम कार्दशियन, ने अपनी बेटियों के साथ सेल्फी साझा कर इस अभियान को और मजबूती दी।
नेपाल, कनाडा, जापान, और अमेरिका जैसे देशों में भी लोग इस मुहिम से जुड़कर कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। यह अभियान न केवल बेटियों के प्रति समाज की मानसिकता बदल रहा है, बल्कि विश्व स्तर पर लिंग समानता को बढ़ावा देने में भी योगदान दे रहा है।










