जाखल, Nanded Sahib train booking: दशहरे का पर्व नजदीक है और नांदेड़ साहिब जाने के लिए श्रद्धालुओं में गजब का जोश देखने को मिल रहा है। लेकिन इस उत्साह पर ट्रेनों में सीटों की कमी पानी फेर रही है। हालात ये हैं कि थर्ड एसी और सेकंड एसी जैसी महंगी श्रेणियों में भी अब एक भी सीट खाली नहीं बची है। यात्री डिपार्चर स्टेशन से अतिरिक्त किराया देने को तैयार हैं, फिर भी कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो रहा है।
दशहरे का खास आयोजन, घुड़दौड़ का रोमांच
2 अक्टूबर को दशहरा है और इस दिन नांदेड़ साहिब में खास कार्यक्रमों का आयोजन होता है। खास तौर पर घुड़दौड़ का आयोजन लोगों को खूब लुभाता है। इस अनोखे आयोजन में हिस्सा लेने के लिए श्रद्धालु खासे उत्साहित हैं। लेकिन 20 सितंबर से 5 अक्टूबर तक चलने वाली ज्यादातर ट्रेनों में सीटें पहले ही बुक हो चुकी हैं। कुछ ट्रेनों में आरएसी (रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन) का कोटा बचा है, लेकिन उसमें भी पूरी सीट मिलना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।
जाखल से स्लीपर कोच में सबसे ज्यादा मारामारी
खासकर स्लीपर कोच में जबरदस्त डिमांड है। यहां वेटिंग लिस्ट 40 से 50 के पार पहुंच गई है। हैरानी की बात ये है कि सीनियर सिटीजन के लिए रिजर्व कोटा भी अब पूरी तरह भर चुका है। यात्रियों का कहना है कि रेलवे को इस भीड़ को देखते हुए कुछ करना चाहिए।
श्रद्धालुओं की मांग अतिरिक्त कोच और सीटें बढ़ाएं
श्रद्धालुओं ने रेलवे प्रशासन से गुहार लगाई है कि नांदेड़ साहिब जाने वाली ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़े जाएं और सीटों का कोटा बढ़ाया जाए। इससे ज्यादा से ज्यादा लोग इस पर्व में शामिल हो सकें और अपनी श्रद्धा को व्यक्त कर सकें।
तत्काल टिकट की उम्मीद
यात्रियों के पास अब तत्काल टिकट ही एकमात्र रास्ता बचा है, जो ट्रेन चलने से 24 घंटे पहले उपलब्ध होता है। लेकिन इसमें भी किराया सामान्य से ज्यादा है। मिसाल के तौर पर, स्लीपर कोच की 800 रुपये की टिकट तत्काल में 1100 रुपये तक पहुंच रही है, वहीं एसी की टिकट 1900 रुपये से बढ़कर 2200 रुपये तक हो रही है। फिर भी, श्रद्धालु नांदेड़ साहिब पहुंचने के लिए हर मुमकिन कोशिश में जुटे हैं।












