रेल यात्रियों के लिए दिसंबर के व्यस्त मौसम में एक राहत भरी खबर सामने आई है। पश्चिमी रेलवे ने साबरमती से दिल्ली सराय रोहिल्ला के बीच विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है, जिससे गुजरात के साथ साथ राजस्थान और हरियाणा के यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा। यह कदम क्रिसमस और नववर्ष के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए उठाया गया है।
क्यों अहम है यह फैसला
हर साल दिसंबर के आखिरी हफ्तों में लंबी दूरी की ट्रेनों में भारी भीड़ देखी जाती है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली गुजरात रूट पर औसतन 20 से 30 प्रतिशत अतिरिक्त यात्री दबाव दर्ज किया जाता है। इसी को संतुलित करने के लिए यह स्पेशल ट्रेन शुरू की जा रही है, ताकि यात्रियों को कन्फर्म सीट मिल सके और वेटिंग लिस्ट कम हो।
स्पेशल ट्रेन का पूरा शेड्यूल
साबरमती से दिल्ली सराय रोहिल्ला
ट्रेन संख्या 04061
संचालन अवधि: 22 से 31 दिसंबर
दिन: सोमवार, बुधवार, गुरुवार और रविवार
प्रस्थान: सुबह 5 बजकर 15 मिनट, साबरमती
आगमन: रात 11 बजकर 30 मिनट, दिल्ली सराय रोहिल्ला
दिल्ली सराय रोहिल्ला से साबरमती
ट्रेन संख्या 04062
संचालन अवधि: 21 से 30 दिसंबर
दिन: रविवार, मंगलवार, बुधवार और शनिवार
प्रस्थान: सुबह 8 बजकर 10 मिनट, दिल्ली
आगमन: रात 12 बजकर 30 मिनट, साबरमती
किन स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन
यह ट्रेन दोनों दिशाओं में प्रमुख शहरों को जोड़ते हुए चलेगी, जिनमें शामिल हैं
पालनपुर, आबू रोड, फालना, मारवाड़, ब्यावर
अजमेर, किशनगढ़, जयपुर, गांधीनगर जयपुर
बांदीकुई, अलवर, रेवाड़ी, गुरुग्राम और दिल्ली कैंट
इन ठहरावों से खास तौर पर राजस्थान और हरियाणा के यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा में बड़ी सुविधा मिलेगी।
कोच और किराया व्यवस्था
इस स्पेशल ट्रेन में यात्रियों को कई श्रेणियों के विकल्प दिए गए हैं
फर्स्ट एसी
एसी टू टियर
एसी थ्री टियर
शयनयान श्रेणी
सामान्य द्वितीय श्रेणी
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह ट्रेन स्पेशल किराया श्रेणी में चलेगी, जो त्योहारों और विशेष अवसरों पर आम तौर पर लागू किया जाता है।
बुकिंग और जानकारी कहां मिलेगी
इस ट्रेन की टिकट बुकिंग 14 दिसंबर से शुरू हो चुकी है। यात्री
नजदीकी पीआरएस काउंटर
आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट
के जरिए टिकट बुक कर सकते हैं।
समय सारणी, ठहराव और कोच संरचना की विस्तृत जानकारी के लिए भारतीय रेलवे की आधिकारिक पूछताछ वेबसाइट पर जाना उपयोगी रहेगा।
आगे क्या असर पड़ेगा
रेलवे विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की अस्थायी ट्रेनों से
वेटिंग लिस्ट में कमी आती है
नियमित ट्रेनों पर दबाव घटता है
यात्रियों का सफर ज्यादा आरामदायक बनता है
आने वाले समय में अगर मांग बनी रहती है, तो रेलवे इस रूट पर और भी स्पेशल ट्रेनों की घोषणा कर सकता है।












