कुरुक्षेत्र (Gita Mahotsav)। धर्मनगरी के पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर दो दिन बाद 15 नवंबर से 21 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आगाज होगा लेकिन अभी तक भी सहभागी देश तय नहीं हो पाए हैं। हालांकि कई देशों के साथ चर्चा चलने के दावे किए जा रहे हैं लेकिन कोन सहभागी बनेगा, इस पर अधिकारी भी फिलहाल चुप्पी साधे हुए हैं।
Gita Mahotsav: गीता महोत्सव के लिए सहभागी देश तय नहीं
केडीबी मानद सचिव उपेंद्र सिंघल का कहना है कि अभी बातचीत चल रही है और जल्द निर्णय ले लिया जाएगा। इस बार महोत्सव पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय स्वरूप लेता दिखाई देने लगा है जिसके चलते 15 देशों से 25 स्कॉलर यहां पहुंचेंगे और वहीं 52 देशों में महोत्सव की धूम होगी। दूतावासों के जरिये व भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रयासों से इन देशों में महोत्सव दिखाए जाने की तैयारी है।
वहीं पवित्र ब्रह्मसरोवर पर भी करीब 60 विदेशी भाषाओं की गीता की पुस्तकों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। यही नहीं पहली बार 20 विदेशी ब्राह्मण भी महोत्सव का हिस्सा बनेंगे। इस बार विदेश मंत्रालय भी सीधे तौर पर महोत्सव में भागीदार बना है। इसके बावजूद भी अब तक सहभागी देश न तय होने पर सवाल उठने लगे हैं।
महोत्सव में अब तक ये देश सहभागी रह चुके
मॉरीशस (2018),नेपाल (2019), तंजानिया (2024) में महोत्सव का सहभागी देश रह चुका है। यही नहीं 2024 में ही श्रीलंका भी सहभागी देश की तरह ही महोत्सव का हिस्सा रहा था। ये सभी देश धर्मनगरी में आस्था, श्रद्धा व कला का यह संगम देख गदगद हो उठे थे। यहां तक कि वहां से आए प्रतिनिधिमंडल के सदस्य भविष्य में भी उनकी भागीदारी करने का आह्वान कर गए थे। श्रीलंका के पर्यटन मंत्री कलाकारों के बीच खूब झूमे थे और उन्हें मंच से ही श्रीलंका आने का न्यौता तक दिया था।












