Vivah Shagun Yojana in hindi: चंडीगढ़: हरियाणा की बेटियों के लिए बड़ी खुशखबरी! मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत सरकार बेटियों और दिव्यांगजनों की शादी के लिए आर्थिक मदद दे रही है। इस योजना से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेटियों की शादी की चिंता से राहत मिलेगी।
चाहे अनुसूचित जाति हो, पिछड़ा वर्ग हो या विधवा और तलाकशुदा महिलाएं, सभी के लिए इस योजना में कुछ न कुछ है। इस खबर में हम आपको योजना की पात्रता, अनुदान राशि और आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी देंगे। तो पूरी खबर पढ़ें और इस शानदार योजना का फायदा उठाएं!
विवाह शगुन योजना: बेटियों का भविष्य बनाएं सुरक्षित Vivah Shagun Yojana
हरियाणा सरकार की मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना समाज के हर वर्ग की बेटियों और दिव्यांगजनों की शादी में मदद करने के लिए शुरू की गई है।
डीसी डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने बताया कि यह योजना समाज में समानता और सशक्तिकरण को बढ़ावा देती है। इसका मकसद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी में सहायता करना है। डीसी ने सभी पात्र परिवारों से अपील की कि वे इस योजना का लाभ उठाकर अपनी बेटियों का भविष्य खुशहाल बनाएं।
किसे मिलेगी कितनी मदद?
इस योजना के तहत अलग-अलग वर्गों को अनुदान राशि दी जाती है। अनुसूचित जाति, विमुक्त जाति और टपरीवास जाति की बेटियों की शादी पर 71,000 रुपये की मदद मिलेगी। पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग (जिनकी सालाना आय 1.80 लाख रुपये तक है) की बेटियों के लिए 41,000 रुपये का अनुदान है।
विधवा, अनाथ, तलाकशुदा या बेसहारा महिलाओं और उनके बच्चों की बेटियों की शादी के लिए 51,000 रुपये की सहायता दी जाएगी। अगर शादी में दोनों वर-वधु दिव्यांग हैं, तो 51,000 रुपये, और अगर केवल एक दिव्यांग है, तो 41,000 रुपये का अनुदान मिलेगा (आय 1.80 लाख तक)।
आवेदन की शर्तें और प्रक्रिया
योजना का लाभ लेने के लिए बेटी की शादी के बाद 6 महीने के अंदर विवाह पंजीकरण करवाना जरूरी है। पात्र परिवार हरियाणा सरकार की आधिकारिक वेबसाइट या जिला प्रशासन के कार्यालय से आवेदन प्रक्रिया की जानकारी ले सकते हैं। डीसी ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया को आसान रखा गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका फायदा उठा सकें।












