5 big records of Rohit Sharma in Test cricket, which are impossible to break: भारतीय क्रिकेट के दिग्गज रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर फैंस को चौंका दिया है। 7 मई 2025 को इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए उन्होंने इस बड़े फैसले की घोषणा की। रोहित ने लिखा, “व्हाइट जर्सी में अपने देश का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए सम्मान की बात रही। आप सभी के प्यार और समर्थन के लिए शुक्रिया। मैं वनडे फॉर्मेट में भारत के लिए खेलना जारी रखूंगा।”
इस अचानक फैसले ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी। रोहित का आखिरी टेस्ट बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 के दौरान मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ था। अपने 67 टेस्ट मैचों के करियर में उन्होंने 40.57 की औसत से 4301 रन बनाए, जिसमें 12 शतक और 18 अर्धशतक शामिल हैं। आइए, उनके उन 5 ऐतिहासिक टेस्ट रिकॉर्ड्स पर नजर डालें, जो तोड़ना लगभग नामुमकिन है।
5 big records of Rohit Sharma: डेब्यू पर धमाकेदार 177 रन
रोहित शर्मा ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत एक धमाकेदार रिकॉर्ड के साथ की थी। नवंबर 2013 में कोलकाता के ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने डेब्यू टेस्ट में उन्होंने 177 रन की शानदार पारी खेली।
यह किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा डेब्यू टेस्ट में दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है, जो शिखर धवन के 187 रनों (2013, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ) से थोड़ा पीछे है। इस पारी ने रोहित को रातोंरात ‘हिटमैन’ बना दिया और उनके टेस्ट करियर की मजबूत नींव रखी।
शतक के साथ नाबाद जीत का रिकॉर्ड
रोहित का एक ऐसा रिकॉर्ड है, जो उन्हें टेस्ट क्रिकेट में अनोखा बनाता है। उनके 67 टेस्ट मैचों में बनाए 12 शतकों के दौरान भारत ने एक भी मैच नहीं हारा। यह दुर्लभ उपलब्धि दर्शाती है कि जब रोहित शतक बनाते थे, तो टीम न केवल मजबूत स्थिति में होती थी, बल्कि जीत की राह पर भी होती थी।
यह रिकॉर्ड रोहित की मैच जिताऊ क्षमता को रेखांकित करता है, जिसे तोड़ना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होगा।
लगातार 30 पारियों में शून्य से बचे
रोहित के नाम टेस्ट क्रिकेट में एक अनोखा विश्व रिकॉर्ड है। उन्होंने लगातार 30 पारियों तक एक भी बार शून्य पर आउट हुए बिना दोहरे अंकों का स्कोर बनाया। यह उपलब्धि उन्हें श्रीलंका के महेला जयवर्धने (29 पारियां) से आगे ले जाती है। रोहित की यह निरंतरता और तकनीक उनके टेस्ट करियर की सबसे बड़ी ताकत रही है, जो युवा बल्लेबाजों के लिए एक मिसाल है।
अश्विन के साथ ऐतिहासिक साझेदारी
रोहित ने अपने डेब्यू टेस्ट में ही एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया था। 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ कोलकाता टेस्ट में, उन्होंने रविचंद्रन अश्विन के साथ सातवें विकेट के लिए 280 रनों की मैराथन साझेदारी की।
यह किसी भारतीय जोड़ी द्वारा सातवें विकेट के लिए टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़ी साझेदारी है। इस पार्टनरशिप ने न केवल भारत की स्थिति को मजबूत किया, बल्कि रोहित की लंबी पारियां खेलने की क्षमता को भी दुनिया के सामने लाया।
टेस्ट में छक्कों का बादशाह
रोहित शर्मा टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज हैं। उन्होंने 67 टेस्ट की 116 पारियों में 88 छक्के जड़े, जो उन्हें वीरेंद्र सहवाग (90 छक्के) से सिर्फ दो कदम पीछे रखता है। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और लंबे-लंबे सिक्स मारने की क्षमता ने टेस्ट क्रिकेट में एक नया रंग जोड़ा।
इसके अलावा, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) में रोहित का जलवा बरकरार रहा। उन्होंने भारत के लिए सबसे ज्यादा 2716 रन, 9 शतक, 322 चौके, और 56 छक्के बनाए, साथ ही 41.15 की औसत और 17 बार 50+ स्कोर के साथ शीर्ष पर रहे।
रोहित शर्मा की विरासत
रोहित शर्मा का टेस्ट संन्यास क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक भावुक पल है। उनके ये रिकॉर्ड न केवल उनकी प्रतिभा को दर्शाते हैं, बल्कि टेस्ट क्रिकेट में उनकी मेहनत और समर्पण को भी रेखांकित करते हैं। भले ही रोहित अब टेस्ट फॉर्मेट में नजर न आएं, लेकिन उनकी वनडे यात्रा और ये ऐतिहासिक रिकॉर्ड फैंस के दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगे।













