Indian Test Batting Collapse: भारतीय टेस्ट क्रिकेट इतिहास के 5 बड़े बैटिंग कोलैप्स जानिए, जब घरेलू मैदान पर टीम इंडिया ताश की तरह बिखर गई।
भारतीय क्रिकेट टीम अक्सर घरेलू टेस्ट परिस्थितियों में अपराजेय मानी जाती है। दशकों से भारत में जीत दर्ज करना विदेशी टीमों के लिए किसी पहाड़ चढ़ने जैसा रहा है। लेकिन पिछले कुछ सालों में इस मजबूत किले में हल्की-हल्की दरारें दिखने लगी हैं।
Indian Test Batting Collapse: 5 टेस्ट जहां टीम ढही
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हाल ही में गुवाहाटी टेस्ट में भारतीय बल्लेबाज़ी का बिखर जाना इस बात का ताज़ा उदाहरण है। टीम मामूली स्कोर पर सिमट गई, और यह सिलसिला पिछले कुछ समय से जारी है।
विराट कोहली, रोहित शर्मा और रविचंद्रन अश्विन जैसे दिग्गजों की रिटायरमेंट के बाद टेस्ट टीम कई चुनौतियों से जूझ रही है। आइए नज़र डालते हैं इस सदी के उन 5 टेस्ट मैचों पर, जहां घरेलू परिस्थितियों में भारतीय बल्लेबाज़ी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई।
भारत vs दक्षिण अफ्रीका, गुवाहाटी (दूसरा टेस्ट, 2025)
गुवाहाटी टेस्ट भारतीय बल्लेबाज़ी के हालिया पतन की एक सख्त याद दिलाता है। दक्षिण अफ्रीका के 489 रन के विशाल स्कोर के सामने भारत 95/1 से 122/7 तक पहुंच गया। महज़ 27 रन के भीतर छह विकेट गिरने से पारी पूरी तरह ढह गई।
ध्रुव जुरेल और ऋषभ पंत ने दबाव में आक्रामक शॉट लगाने की कोशिश की, लेकिन दोनों चूक गए। यह कोलैप्स भारत को घरेलू श्रृंखला में एक और बड़ी हार की दहलीज पर ले आया, जहाँ से मुकाबले में वापसी लगभग नामुमकिन हो चुकी थी।
भारत vs इंग्लैंड, मुंबई (तीसरा टेस्ट, 2006)
2006 में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में 313 रन का पीछा करते हुए भारत की बैटिंग लाइनअप पूरी तरह बिखर गई। 21 पर 2 विकेट गिरने के बाद जाफर और द्रविड़ ने थोड़ी उम्मीद जगाई, लेकिन जैसे ही जाफर आउट हुए, कोलैप्स तेज़ हो गया।
इंग्लैंड के स्पिनर शॉन उडल ने सचिन तेंदुलकर सहित चार महत्वपूर्ण विकेट लेकर भारत को सिर्फ 100 पर समेट दिया। इंग्लैंड ने यह मैच 212 रन से जीता और सीरीज को 1-1 से बराबर कर दिया।
भारत vs दक्षिण अफ्रीका, कोलकाता (पहला टेस्ट, 2025)
गुवाहाटी से पहले ही भारत ईडन गार्डन में बड़ा झटका झेल चुका था। पहली पारी में बढ़त लेने के बाद भारत को जीत के लिए सिर्फ 124 रन चाहिए थे। लेकिन 33/2 की शुरुआत के बाद जुरेल के जल्दी आउट होते ही दबाव बढ़ा और विकेट झरने लगे।
अक्षर पटेल ने थोड़ी कोशिश की, लेकिन टीम सिर्फ 93 पर ढह गई। यह घरेलू मैदान पर भारतीय टेस्ट इतिहास की एक और बेहद निराशाजनक हार थी।
भारत vs दक्षिण अफ्रीका, अहमदाबाद (दूसरा टेस्ट, 2008)
2008 का अहमदाबाद टेस्ट भारतीय बल्लेबाज़ी के सबसे खराब प्रदर्शनों में से एक गिना जाता है। पहले टेस्ट में 627 रन बनाने के बाद इस मैच की पहली पारी में भारत केवल 76 रन पर ढेर हो गया।
डेल स्टेन ने घातक गेंदबाजी करते हुए पाँच विकेट झटके। शुरुआती झटकों के बाद कोई भी भारतीय बल्लेबाज़ टिक नहीं पाया। भारत अंततः एक पारी और 90 रन से मैच हार गया घरेलू क्रिकेट में एक भारी धक्का।
भारत vs न्यूजीलैंड, बेंगलुरु (पहला टेस्ट, 2024)
2024 में बेंगलुरु टेस्ट भारत का इस सदी का सबसे कम घरेलू टेस्ट स्कोर (46 रन) लेकर आया। बारिश भरी परिस्थितियों में पहले बल्लेबाज़ी करने का फैसला उलटा पड़ गया।
मैट हेनरी की स्विंग के सामने भारतीय टॉप ऑर्डर ताश की तरह बिखर गया। 31 पर 3 विकेट गिरने के बाद टीम ने सिर्फ 15 रन जोड़ते हुए 7 विकेट गंवा दिए। यह प्रदर्शन पिछले कई वर्षों में सबसे शर्मनाक घरेलू बल्लेबाज़ी माने जाता है।













