Chandigarh news Convict of rape-murder of innocent girl in Chandigarh sentenced to death: Heartbreaking story of snatching life of 8-year-old girl: चंडीगढ़ की सड़कों पर बसी मासूमियत को एक हैवान ने बेरहमी से कुचल दिया। एक 8 साल की नन्ही बच्ची, जो अपनी मासूम मुस्कान और छोटी-छोटी खुशियों के साथ पड़ोस की दुकान पर सामान लेने गई थी, उसकी जिंदगी को एक दरिंदे ने छीन लिया। चंडीगढ़ की जिला अदालत ने इस जघन्य अपराध के दोषी हीरा लाल उर्फ गुड्डू को फांसी की सजा सुनाई है। यह फैसला न केवल पीड़ित परिवार के लिए न्याय की एक किरण है, बल्कि समाज में ऐसी क्रूरता के खिलाफ एक सख्त संदेश भी देता है।
पिछले साल 19 जनवरी 2024 को हल्लोमाजरा इलाके में यह दिल दहला देने वाली घटना घटी। बच्ची अपने घर के पास एक दुकान पर सामान खरीदने गई थी, लेकिन वह वापस नहीं लौटी। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पड़ोस के एक मकान से खून से सनी रजाई और एक चाकू मिला, जो इस भयावह अपराध की ओर इशारा कर रहा था। दो दिन बाद रामदरबार के पास जंगल में बच्ची का शव बरामद हुआ, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर पड़ोसी हीरा लाल को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपना गुनाह कबूल किया। उसने बताया कि उसने बच्ची का अपहरण किया, उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर उसका सिर दीवार पर पटककर उसकी हत्या कर दी। इस क्रूरता ने न केवल पीड़ित परिवार को तोड़ दिया, बल्कि पूरे समाज में आक्रोश की लहर दौड़ा दी।
करीब डेढ़ साल तक चले मुकदमे के बाद, चंडीगढ़ की जिला अदालत ने सोमवार को हीरा लाल को रेप, हत्या और पोक्सो एक्ट के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने इस जघन्य अपराध के लिए फांसी की सजा को उचित माना, जो इस तरह के अपराधों के खिलाफ कड़ा रुख दर्शाता है। यह फैसला उन माता-पिताओं के लिए भी एक संदेश है, जो अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
यह घटना समाज को यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर ऐसी मानसिकता वाले लोग हमारे बीच कैसे पनप रहे हैं। बच्चों की सुरक्षा और उनके भविष्य को संरक्षित करने के लिए हमें सामूहिक रूप से कदम उठाने होंगे। इस फैसले से उम्मीद है कि अपराधियों के मन में कानून का डर पैदा होगा और मासूमों के साथ ऐसी क्रूरता करने से पहले वे सौ बार सोचेंगे।













