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COD parcel fraud: ‘कैश ऑन डिलीवरी’ के नाम पर नई ठगी! बिना ऑर्डर पार्सल से लोग शिकार?

On: December 1, 2025 9:13 AM
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COD parcel fraud: ‘कैश ऑन डिलीवरी’ के नाम पर नई ठगी! बिना ऑर्डर पार्सल से लोग शिकार?
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COD parcel fraud: भारत में ‘कैश ऑन डिलीवरी’ पार्सल के नाम पर नई ठगी सामने आ रही है, जिसमें बिना ऑर्डर किए घटिया सामान भेजकर लोगों से पैसे वसूले जा रहे हैं। जानें कैसे होता है यह फ्रॉड और कैसे बचें।

ऑनलाइन फ्रॉड अब सिर्फ लिंक, ओटीपी या बैंक कॉल तक सीमित नहीं रहा। हाल के दिनों में एक नया तरीका तेजी से बढ़ रहा है—बिना ऑर्डर किए आए ‘कैश ऑन डिलीवरी’ पार्सल, जिनमें घटिया क्वालिटी का सामान भरकर लोगों से पैसे ऐंठे जा रहे हैं।

कई शहरों में ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहां लोगों के घर विश्वसनीय डिलीवरी कंपनियों के नाम पर पैकेट पहुंचाए जाते हैं। लोग सोचते हैं कि परिवार में किसी ने कुछ मंगवाया होगा और वे भुगतान कर देते हैं। लेकिन पैकेट खोलते ही असल कहानी सामने आ जाती है—फटे-पुराने, घटिया या बिल्कुल बेकार कपड़े।

कैसे होती है यह ठगी? एक पीड़ित महिला का अनुभव COD parcel fraud

हरियाणा के चीका इलाके की एक महिला ने अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि उनके घर नियमित रूप से ऑनलाइन शॉपिंग के पैकेट आते रहते हैं, इसलिए डिलीवरी बॉय पर उन्हें संदेह नहीं हुआ।

एक दिन उनके नाम से COD पार्सल आया और उनके पति ने भरोसे में भुगतान कर दिया। लेकिन पैकेट खोलते ही वे हैरान रह गए—

एक टी-शर्ट इतनी खराब थी कि “जैसे किसी सुनसान जगह से उठाई गई हो”

दो कपड़ों की क्वालिटी बेहद घटिया थी

और सबसे बड़ी बात—उन्होंने ऐसा कोई ऑर्डर किया ही नहीं था

महिला के अनुसार, ठग इंटरनेट से नाम-पता निकालकर नकली ऑर्डर तैयार करते हैं और असली डिलीवरी कंपनियों के माध्यम से भेज देते हैं। इससे ग्राहक को भरोसा हो जाता है कि पार्सल सही है।

वापसी का कोई विकल्प नहीं, शिकायत का कोई चैनल नहीं
ठगी की सबसे खतरनाक बात यह है कि इन पैकेट्स में:

कोई रिटर्न ऐड्रेस नहीं होता

न ही कोई कस्टमर केयर नंबर

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और न ही ऑर्डर रद्द या रिफंड करने का तरीका

जब तक पीड़ित व्यक्ति यह समझे, तब तक देर हो चुकी होती है।

एक साइबर फ्रॉड विशेषज्ञ के मुताबिक:

“यह तरीका इसलिए बढ़ रहा है क्योंकि COD पार्सल पर लोगों का भरोसा होता है। ठगों को पता है कि कई परिवार बिना पूछे ही भुगतान कर देते हैं। यह मनोवैज्ञानिक भ्रम का फायदा उठाने वाली ठगी है।”

क्यों बढ़ रहे हैं ऐसे केस?

1. COD सिस्टम पर जनता का भरोसा

लोग मानते हैं कि जब तक सामान हाथ में न आए, पैसे नहीं देने चाहिए। ठग इसी भरोसे को हथियार बना रहे हैं।

2. डिलीवरी एजेंसियां ब्रांडेड होती हैं

जब पैकेट पर नाम किसी भरोसेमंद कंपनी का हो, तो ग्राहक बिना सवाल किए भुगतान कर देता है।

3. डेटा लीक और खुले ऑनलाइन प्रोफाइल

कई स्कैमर्स सोशल मीडिया, ई-कॉमर्स और दूसरे स्रोतों से पता-नाम निकाल लेते हैं।

4. शिकायत तंत्र कमजोर

बिना रिटर्न एड्रेस के ग्राहक के पास ठगी रोकने का कोई तरीका नहीं बचता।

लोग कैसे हो रहे हैं टारगेट?

ऐसे मामलों में अक्सर देखा गया है कि:

महिलाएं और बुजुर्ग जल्दी भरोसा कर लेते हैं

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परिवार में कई ऑनलाइन ऑर्डर होने पर भ्रम हो जाता है

डिलीवरी बॉय जल्दी में होते हैं, जिससे ग्राहक दबाव में भुगतान कर देता है

साइबर सेल का कहना है कि चीका और आसपास के इलाकों में ऐसे पार्सल बढ़ रहे हैं, जो इशारा करता है कि एक संगठित गैंग सक्रिय हो सकता है।

आप कैसे बच सकते हैं? जरूरी सावधानियां

1. बिना ऑर्डर वाले COD पार्सल स्वीकार न करें
सबसे पहले परिवार में पूछ लें—किसी ने कुछ मंगवाया है या नहीं।

2. पैकेट लेने से पहले विवरण पूछें
डिलीवरी बॉय से पूछें—

प्रेषक का नाम

ऑर्डर ID

किस वेबसाइट से आया है

3. अज्ञात लिंक और नई वेबसाइटों से बचें
अविश्वसनीय साइटों पर कभी एड्रेस न डालें।

4. फ्रॉड होने पर तुरंत शिकायत करें
डिलीवरी कंपनी

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साइबर क्राइम पोर्टल

स्थानीय पुलिस
इनमें रिपोर्ट दर्ज कराएं।

5. परिवार को जागरूक करें

विशेषकर बुजुर्ग और किशोरों को ऐसी ठगी की जानकारी दें।

क्यों जरूरी है जागरूकता?

“COD पार्सल फ्रॉड” एक ऐसा तरीका है जिसे रोकना मुश्किल है, क्योंकि इसके लिए ठगों को किसी डिजिटल ट्रेस की जरूरत नहीं पड़ती। सिर्फ पता और नाम काफी है।

यदि लोग समय रहते सावधानी रखें, तो यह ठगी फैलने से पहले रोकी जा सकती है।

आर्थिक नुकसान के साथ-साथ यह मानसिक तनाव भी देता है—इसलिए सावधान रहना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।

राहुल शर्मा

राहुल शर्मा एक कुशल पत्रकार और लेखक हैं, जो पिछले 8 वर्षों से ब्रेकिंग न्यूज़, हरियाणा न्यूज़ और क्राइम से जुड़ी खबरों पर प्रभावशाली लेख लिख रहे हैं। उनकी खबरें तथ्यपूर्ण, गहन और तेज़ी से पाठकों तक पहुँचती हैं, जो हरियाणा और अन्य क्षेत्रों की महत्वपूर्ण घटनाओं को उजागर करती हैं। राहुल का लेखन शैली आकर्षक और विश्वसनीय है, जो पाठकों को जागरूक और सूचित रखता है। वे Haryananewspost.com और डिजिटल मंचों पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी स्टोरीज़ सामाजिक और आपराधिक मुद्दों पर गहरी छाप छोड़ती हैं।

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