Crime in Sirsa Former deputy sarpanch’s son shot dead, big revelation in postmortem:
हरियाणा के सिरसा जिले के डबवाली क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी है। गांव मसीता में मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने पूर्व उप-सरपंच के बेटे गुरसेवक सिंह उर्फ सेवक की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस हमले में गुरसेवक का भतीजा दीपक भी गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे तुरंत एम्स बठिंडा में भर्ती कराया गया। इस घटना ने स्थानीय लोगों में डर और आक्रोश पैदा कर दिया है। आइए, इस मामले की पूरी जानकारी और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के चौंकाने वाले खुलासे को विस्तार से जानते हैं।
क्रूर हमले की दर्दनाक कहानी Crime in Sirsa
यह घटना डबवाली के गांव मसीता में हुई, जहां अज्ञात हमलावरों ने गुरसेवक सिंह पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर मोटरसाइकिल पर सवार थे और उन्होंने सुनियोजित तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया। गुरसेवक को बचाने की कोशिश में उनका भतीजा दीपक भी हमलावरों की गोलियों का शिकार हो गया। दीपक की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे बेहतर इलाज के लिए बठिंडा रेफर किया गया है। इस घटना ने न केवल परिवार को झकझोर दिया है, बल्कि गांव में भी तनाव का माहौल पैदा कर दिया है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई। मृतक के भाई सर्वजीत सिंह की शिकायत के आधार पर, पुलिस ने कुलदीप उर्फ भाऊ और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 103(1), 109(1) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। सिरसा की एसपी निकिता खट्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चार विशेष जांच टीमें गठित की हैं। इन टीमों का नेतृत्व डीएसपी कालांवाली संदीप धनखड़ कर रहे हैं और इनमें एएनसी स्टाफ, सीआईए डबवाली, सीआईए कालांवाली और डबवाली शहर थाना पुलिस के अधिकारी शामिल हैं। पुलिस ने हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में कई जगहों पर छापेमारी शुरू कर दी है और द.व है कि जल्द ही आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने खोला क्रूरता का राज
गुरसेवक सिंह के शव का पोस्टमॉर्टम सिरसा के सरकारी अस्पताल में तीन डॉक्टरों की टीम—डॉ. गौरव छाबड़ा, डॉ. सौरभ अरोड़ा और डॉ. हरसिमरन—द्वारा किया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने हमले की क्रूरता को उजागर किया। रिपोर्ट के अनुसार, गुरसेवक के शरीर पर कुल सात गोलियां मारी गईं। इनमें से एक गोली उनकी टांग में, दो बाजू में और चार उनकी पीठ में लगीं। कुछ गोलियां उनके शरीर से आर-पार हो गईं, जबकि एक गोली उनके बाजू को छूकर निकल गई। शरीर पर छह गोली के निशान पाए गए। इस भयावह रिपोर्ट ने हमलावरों की बर्बरता को स्पष्ट कर दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
जांच में क्या सामने आएगा?
इस हत्याकांड के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है, लेकिन पुलिस इसे पुरानी रंजिश या आपसी विवाद से जोड़कर देख रही है। विशेष जांच टीमें दिन-रात सुराग जुटाने में जुटी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाती हैं। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।
समाज पर इस घटना का प्रभाव
यह हत्याकांड न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि यह समाज में बढ़ती हिंसा और असुरक्षा की भावना को भी दर्शाता है। पूर्व उप-सरपंच जैसे प्रभावशाली व्यक्ति के परिवार पर हमला इलाके में अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस को दिखाता है। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन पर भी दबाव बढ़ा दिया है कि वे अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ें और लोगों का भरोसा जीतें।
सिरसा पुलिस इस मामले को प्राथमिकता पर ले रही है और उम्मीद है कि जल्द ही इस हत्याकांड का सच सामने आएगा। तब तक, गुरसेवक के परिवार और गांववासियों का दुख और आक्रोश इस घटना की गंभीरता को बयां करता है।













