Cyber Fraud Rohtak, सिटी रिपोर्टर | रोहतक : साइबर क्राइम पुलिस ने एक ऐसे शातिर को गिरफ्तार किया है जो साइबर अपराधियों को धोखाधड़ी के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराता था। इस आरोपी की पहचान पश्चिम बंगाल के रहने वाले कबिंदर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार कबिंदर 50 से अधिक बैंक खाते साइबर अपराधियों को बेच चुका है और इन खातों के माध्यम से करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी की गई है। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों की तलाश की जा रही है।
पुलिस जांच कर रही है ताकि पता चल सके कि ये नेटवर्क कितना बड़ा है और इन्होंने कितने लोगों को शिकार बनाया है। साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक कुलदीप कुमार ने बताया कि पश्चिम बंगाल से काबू किए आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
ईएमआई बनवाने के नाम पर ठगे 1 लाख रुपए
कबिंदर की गिरफ्तारी एक खास मामले की जांच के बाद हुई। यह मामला सेक्टर-1 की रहने वाली सुषमा से जुड़ा है, जिनसे लोन की ईएमआई बनवाने के नाम पर 1 लाख रुपए ठगे गए थे। 25 मार्च को सुषमा के पास लोन रिन्यू करवाने के लिए कॉल आई। उन्होंने रिन्यू करवा लिया और उन्हें 25,500 रुपए प्राप्त हुए। 26 मार्च को एक व्यक्ति ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर उन्हें फोन किया । ईएमआई बनाने के लिए लिंक भेजा और उनके फोन पर एक ऐप डाउनलोड करवाई।
फिर सुषमा से एक रुपया किसी अकाउंट में ट्रांसफर करवाया। 27 मार्च को सुषमा के खाते से दो बार में 50,000-50,000 रुपए ट्रांसफर किए गए, जो उन्होंने नहीं किए थे। जब उन्होंने फोन चेक किया, तो पता चला कि उनके फोन से वह ऐप और ‘फोन पे’ दोनों डिलीट कर दिए थे। इस तरह फ्रॉड का पता चला।
कैसे काम करता था यह नेटवर्क ?
जांच के दौरान यह सामने आया कि कबिंदर हर बैंक खाते के लिए साइबर अपराधियों से 8,000 से 9,000 रुपए का कमीशन लेता था। इन खातों का इस्तेमाल साइबर अपराधी लोगों को ठगने के बाद पैसे ट्रांसफर करने के लिए करते थे, जिससे पुलिस के लिए अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता था। पुलिस ने बताया कि इन 50 खातों में कुल मिलाकर 1 करोड़ से अधिक ट्रांसफर किए गए थे।
फेसबुक, वाट्सएप से लिंक वाले ऐप डाउनलोड न करें
साइबर एक्सपर्ट मुकेश चौधरी ने बताया कि प्ले स्टोर वाले ऐप ही डाउनलोड करें। साइबर अपराधी फेसबुक, वाट्सएप के माध्यम से ऐप भेजकर उनको डाउनलोड करा लेते हैं। इसके बाद फोन की सारी जानकारी उनके पास होती है। वह जब आपके खाते का पासवर्ड बदलते हैं, तो ओटीपी आपके पास न आकर उनके पास ही जाएगी। इसके बाद वह आपके बैंक खाते को खाली कर देते है। यदि आपको आईटी की जानकारी नहीं हैं, तो प्ले स्टोर से ऐप डाउनलोड करने से बचें।













