Fake Army Officer used to roam around with a revolver, cyber fraud exposed!: नूंह की साइबर क्राइम पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को धर दबोचा, जो खुद को आर्मी अफसर बताकर लोगों को झांसे में लेता था। राजस्थान के इस युवक की करतूत सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई। आइए, जानते हैं इस सनसनीखेज मामले की पूरी कहानी।
फर्जी आर्मी अफसर की चालाकी Fake Army Officer
मोहम्मद जाहिद, राजस्थान के डीग जिले का रहने वाला, इंटरनेट की दुनिया में फर्जी पहचान बनाकर लोगों को ठगने का मास्टरमाइंड निकला।
वह व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खुद को सेना का अधिकारी बताता था। उसकी प्रोफाइल में आर्मी की वर्दी वाली तस्वीरें, नकली दस्तावेज और भरोसा जगाने वाली बातें होती थीं। इस चालाकी से वह लोगों को आसानी से अपने जाल में फंसा लेता था। केरल से लेकर कई राज्यों में उसने लोगों को लाखों रुपये का चूना लगाया।
पुलिस की सतर्कता ने पकड़ा
नूंह साइबर क्राइम पुलिस को शिकायत मिली थी कि एक शख्स फर्जी आर्मी अफसर बनकर ऑनलाइन ठगी कर रहा है। जांच में पता चला कि जाहिद का मोबाइल नंबर पुलिस के प्रतिबिंब पोर्टल पर संदिग्ध सूची में दर्ज था।
इस नंबर से केरल के कन्नूर में 9,000 रुपये की ठगी का मामला सामने आया था। पुलिस ने तुरंत नंबर को ट्रैक किया और नूंह के मरोड़ा गांव के पास जाहिद को गिरफ्तार कर लिया।
क्या-क्या बरामद हुआ?
जाहिद की तलाशी में पुलिस को कई चौंकाने वाली चीजें मिलीं। उसके पास तीन स्मार्टफोन, छह सिम कार्ड, फर्जी आर्मी तस्वीरें और नकली दस्तावेज थे।
इसके अलावा, फर्जी यूपीआई आईडी, क्यूआर कोड और डिजिटल पेमेंट ऐप्स से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों का भी खुलासा हुआ। जाहिद व्हाट्सएप पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से पैसे ऐंठता था।
ठगी का तरीका
जाहिद का तरीका बेहद शातिराना था। वह पहले सोशल मीडिया पर लोगों से दोस्ती करता, फिर आर्मी अफसर की कहानियां सुनाकर भरोसा जीतता।
इसके बाद वह पैसे मांगता या फर्जी यूपीआई लिंक भेजकर ठगी करता। उसने कई लोगों को अपने झांसे में लिया और लाखों रुपये की ठगी की।
पुलिस की कार्रवाई
नूंह पुलिस ने जाहिद के खिलाफ साइबर ठगी और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। जांच में उसके अन्य ठगी के मामलों का भी पता लगाया जा रहा है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ऑनलाइन अनजान लोगों पर भरोसा करने से बचें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
सावधानी बरतें, सुरक्षित रहें
यह मामला हमें सिखाता है कि इंटरनेट पर हर चमकती चीज सोना नहीं होती। फर्जी प्रोफाइल और लुभावने ऑफर से सावधान रहें। अगर कोई अनजान व्यक्ति ऑनलाइन संपर्क करता है, तो उसकी पहचान की पुष्टि करें। साइबर ठगी से बचने के लिए हमेशा सतर्क रहें और अपने पैसे को सुरक्षित रखें।












