Faridabad News . Irregularities in Raja Nahar Singh Stadium: Chief Minister Saini orders inquiry against contractor: हरियाणा के फरीदाबाद में राजा नाहर सिंह क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण कार्य पिछले चार साल से रुका हुआ है, और अब इस मामले में बड़ी कार्रवाई की उम्मीद जगी है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्टेडियम के जीर्णोद्धार में देरी और अनियमितताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए ठेकेदार कंपनी के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। यह मुद्दा दैनिक जागरण के अभियान के बाद सुर्खियों में आया, और अब खिलाड़ियों और स्थानीय लोगों को स्टेडियम के जल्द पूरा होने की उम्मीद है। आइए, इस मामले की पूरी कहानी जानते हैं।
स्टेडियम का रुका काम, खिलाड़ियों का टूटा सपना Faridabad News
फरीदाबाद का राजा नाहर सिंह क्रिकेट स्टेडियम कभी स्थानीय खिलाड़ियों के लिए गर्व का प्रतीक हुआ करता था, लेकिन पिछले चार साल से इसका जीर्णोद्धार कार्य ठप पड़ा है। 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्टेडियम को आधुनिक बनाने की घोषणा की थी।
2018 में गुजरात की रणजीत बिल्डकॉन कंपनी ने इस काम को शुरू किया, लेकिन प्रगति रुकने से खिलाड़ियों को अभ्यास और प्रतियोगिताओं के लिए परेशानी हो रही है। दैनिक जागरण ने 18 से 26 अप्रैल तक “हमें चाहिए हमारा राजा नाहर सिंह स्टेडियम” अभियान चलाकर इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। इस अभियान में स्टेडियम की बदहाली और खिलाड़ियों के नुकसान को उजागर किया गया, जिसने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।
मुख्यमंत्री का सख्त रुख
रविवार शाम को फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण की समीक्षा बैठक में यह मुद्दा फिर से चर्चा में आया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आईएएस अधिकारी विकास गुप्ता से स्टेडियम के रुके हुए काम की वजह पूछी।
बड़खल के विधायक धनेश अदलखा ने निर्माण कार्य जल्द शुरू करने की मांग रखी, जबकि शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल ने सुझाव दिया कि स्टेडियम को जल्द पूरा कर इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर संचालित किया जाए। इससे स्टेडियम का बेहतर उपयोग हो सकेगा और यह खिलाड़ियों के लिए एक आधुनिक सुविधा केंद्र बन जाएगा।
मुख्यमंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लिया और ठेकेदार कंपनी रणजीत बिल्डकॉन के खिलाफ जांच के आदेश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जांच जल्द पूरी कर रिपोर्ट सौंपी जाए। दैनिक जागरण ने बैठक के बाद सीएम से सवाल किया कि स्टेडियम का काम कब तक शुरू होगा, तो उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच के बाद काम तुरंत शुरू किया जाएगा।
खिलाड़ियों और स्थानीय लोगों की उम्मीद
यह स्टेडियम न केवल फरीदाबाद के क्रिकेटरों के लिए, बल्कि पूरे हरियाणा के युवा खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण है। रुके हुए काम की वजह से स्थानीय खिलाड़ी अभ्यास के लिए अन्य शहरों पर निर्भर हैं, जिससे उनके समय और संसाधनों की बर्बादी हो रही है।
सीएम के सख्त रुख और जांच के आदेश से अब उम्मीद जगी है कि स्टेडियम का काम जल्द शुरू होगा। पीपीपी मॉडल पर संचालन का सुझाव भी खिलाड़ियों और स्थानीय लोगों में उत्साह पैदा कर रहा है, क्योंकि इससे स्टेडियम को विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ अपग्रेड किया जा सकता है।
जांच से क्या होगा बदलाव?
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है। यह जांच ठेकेदार की लापरवाही, फंड के दुरुपयोग, या अन्य अनियमितताओं को उजागर कर सकती है।
अगर दोष सिद्ध होता है, तो ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है, और नए सिरे से निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। स्थानीय लोगों और खिलाड़ियों का मानना है कि यह जांच स्टेडियम को फिर से जीवंत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
खिलाड़ियों के लिए एक नई शुरुआत
राजा नाहर सिंह स्टेडियम का पुनर्जनन हरियाणा के खेल परिदृश्य को नई ऊर्जा दे सकता है। यह स्टेडियम न केवल क्रिकेट, बल्कि अन्य खेलों के लिए भी एक केंद्र बन सकता है।
अगर आप फरीदाबाद में रहते हैं या खेल से जुड़े हैं, तो इस मुद्दे पर नजर रखें। हरियाणा सरकार और फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण की वेबसाइट पर जांच और निर्माण की प्रगति की जानकारी प्राप्त करें। आइए, इस स्टेडियम को फिर से हरियाणा के गौरव का प्रतीक बनाने में योगदान दें।













