Haryana Crime: ACB takes strict action against bribery in Haryana: Fraudsters arrested in the name of jobs: हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई तेज हो रही है। हाल ही में, हरियाणा की एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गुरुग्राम में एक बड़े रिश्वतखोरी (bribery) रैकेट का पर्दाफाश किया है।
इस मामले में, हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के नाम पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई न केवल भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत कदम है, बल्कि उन लोगों के लिए भी एक चेतावनी है जो नौकरी के नाम पर मासूम लोगों को लूटने की कोशिश करते हैं। आइए, इस मामले की पूरी कहानी जानते हैं।
नौकरी का झांसा और ठगी की शुरुआत Haryana Crime
13 मई 2025 को, एक शिकायतकर्ता ने गुरुग्राम एसीबी को अपनी आपबीती सुनाई। उसने बताया कि एक जानकार ने उसे HKRN के जरिए नौकरी दिलाने का वादा किया था।
इस वादे पर भरोसा करके वह 2 अप्रैल 2025 को गुरुग्राम के चक्करपुर स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय पहुंचा। वहां स्कूल के मुखिया ने उसे स्वीपर (sweeper) की नौकरी का ऑफर दिया और उसे काम पर रख लिया। शिकायतकर्ता ने मेहनत से काम शुरू किया, लेकिन यह सिर्फ एक बड़े फ्रॉड की शुरुआत थी।
काम शुरू करने के बाद, एक सुपरवाइजर रविंद्र ने उससे आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक जैसे दस्तावेज मांगे। शिकायतकर्ता ने भरोसे में आकर सभी दस्तावेज दे दिए।
लेकिन एक महीने बाद भी उसका वेतन (salary) नहीं आया। जब उसने रविंद्र से इस बारे में पूछा, तो उसे बताया गया कि उसका आईडी कार्ड अभी तैयार नहीं हुआ है। यह सुनकर शिकायतकर्ता को कुछ शक हुआ, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी।
रिश्वत की मांग और फील्ड ऑफिसर की चाल
मामला तब और गंभीर हो गया जब शिकायतकर्ता को 5 मई 2025 को फील्ड ऑफिसर अनिल कुमार का फोन आया। अनिल ने साफ कहा कि बिना रिश्वत (bribe) दिए न तो उसका आईडी कार्ड बनेगा और न ही वेतन मिलेगा।
उसने यह भी दावा किया कि वह हैड ऑफिस में तैनात HR सैनी से बात करके मामले को “सुलझा” देगा। यह सुनकर शिकायतकर्ता को समझ आ गया कि वह एक बड़े ठगी के जाल में फंस चुका है। उसने तुरंत एसीबी से संपर्क किया, जिसके बाद एसीबी ने त्वरित कार्रवाई शुरू की।
एसीबी की कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी
एसीबी ने शिकायत के आधार पर एक जाल बिछाया और रविंद्र और अनिल कुमार को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ हरियाणा सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है।
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है, और जांच जारी है ताकि इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके।
बेरोजगार युवाओं के लिए सबक
यह मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले लोग कितनी चालाकी से काम करते हैं। बेरोजगार युवाओं को चाहिए कि वे किसी भी नौकरी के ऑफर पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।
हमेशा आधिकारिक चैनलों, जैसे कि HKRN की वेबसाइट या सरकारी कार्यालयों, के जरिए नौकरी की जानकारी जांच लें। साथ ही, अगर कोई रिश्वत मांगता है, तो तुरंत नजदीकी एसीबी कार्यालय या पुलिस से संपर्क करें।
भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट होने का समय
हरियाणा में एसीबी की यह कार्रवाई न केवल एक सफलता की कहानी है, बल्कि यह समाज को भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट होने का संदेश भी देती है।
सरकार और नागरिकों को मिलकर ऐसे अपराधों को जड़ से खत्म करने की जरूरत है। अगर आप भी ऐसी किसी ठगी का शिकार हुए हैं, तो डरें नहीं, बल्कि आवाज उठाएं। आपकी एक शिकायत भ्रष्टाचार के इस जाल को तोड़ सकती है।













