कुरुक्षेत्र (Kurukshetra Crime News)। सेक्टर-आठ निवासी एक युवती के साथ शेयर मार्केट निवेश के नाम पर साइबर ठगी हुई। ठगों ने इंस्टाग्राम विज्ञापन, फर्जी एप और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से 19.53 लाख रुपये हड़प लिए।
युवती ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि इंस्टाग्राम पर कम निवेश से दोगुना मुनाफे का विज्ञापन देखा। लिंक पर क्लिक कर ऑनलाइन फॉर्म भरा जिससे ठगों को केवाईसी सहित पूरी निजी जानकारी मिल गई। इसके बाद उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां एक युवती एडमिन के नाम पर लगातार संपर्क में रही।
ठगों ने एक फर्जी एप डाउनलोड करवाया और आईपीओ में निवेश के नाम पर पैसे ट्रांसफर करवाए। 21 अक्तूबर से 3 नवंबर तक सात बार में कुल 19.53 लाख आरटीजीएस से भेजे गए। एप पर लाभ दिखाया गया लेकिन वे पैसे नहीं निकले। पैसे निकालने पर एडमिन ने 32 लाख अतिरिक्त जमा करने की शर्त रखी। इसके बाद युवती को ठगी का आभास हुआ। उसने तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई।
साइबर थाना प्रभारी महेश कुमार ने बताया कि युवती की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों को ट्रेस कर ठगी में प्रयोग बैंक खातों को फ्रिज करवाने में जुटी हुई है। साथ ही उन्होंने अपील की है कि ऐसे भ्रामक विज्ञापनों से बचें, क्योंकि साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूक होना ही सबसे बड़ा उपाय है।
Kurukshetra Crime News: राजकीय पशु अस्पताल में चोरी
इस्माईलाबाद। राजकीय पशु अस्पताल लुखी की प्रयोगशाला का ताला तोड़कर चोरों ने 20 लीटर क्षमता का तरल नाइट्रोजन क्रायोकैन चुरा लिया जिसमें पशु प्रजनन के लिए महत्वपूर्ण शुक्राणु स्ट्रॉ संग्रहीत थे। पुलिस ने पशु चिकित्सक की शिकायत पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पशु चिकित्सक रामभज खर्ब ने थाना झांसा में दी शिकायत में बताया कि 7 नवंबर को दोपहर करीब तीन बजे कमरों व मुख्य गेट को ताला लगाकर वह अपने घर चले गए थे। अगले दिन सुबह आठ बजे वीएलडी अजीत कुमार ने मुख्य द्वार के टूटे ताले देखे और सूचना दी।
मौके पर पहुंचकर निरीक्षण में पाया गया कि चोरों ने प्रयोगशाला का ताला तोड़कर क्रायोकैन गायब कर दिया। पशु परिचारक जसवीर सिंह भी मौके पर मौजूद रहे। पुलिस ने शिकायत पर तुरंत मामला दर्ज किया। जांच का जिम्मा एएसआई सुशील कुमार को सौंपा गया है।
अवैध हथियार सप्लाई करने वाले दो बदमाश गिरफ्तार
अपराध अन्वेषण शाखा-एक की टीम ने अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार दोनों आरोपी ने 28 सितंबर को पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए कुख्यात अपराधी सुखविंदर उर्फ सुखी को हथियार उपलब्ध करवाए थे। आरोपियों की पहचान दरड़ गांव के रहने वाले सुखविंदर उर्फ सुखी और करनाल जिला के रायपुर रौडान के रहने वाले सागर के रूप में हुई है। टीम ने दोनों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
अपराध अन्वेषण शाखा-एक प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि 28 सितंबर को गुप्त सूचना मिली थी कि कई आपराधिक मामलों में वांछित सुखविंदर उर्फ सुखी अवैध हथियार लेकर बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। उन्होंने सूचना पर एक टीम तैयार करके सर्च अभियान चलाया। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर गांव प्रतापगढ़ के पास पुलिस टीम ने सुखविंदर को देखा। रोकने पर उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी।
जवाबी कार्रवाई में सुखविंदर की टांग में गोली लगी। उसे तुरंत नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उसका उपचार चला। तलाशी में उसके पास से एक कट्टा और तीन कारतूस बरामद हुए। थाना सदर थानेसर में हथियार अधिनियम व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
उन्होंने बताया कि सुखविंदर जिले में हत्या के प्रयास सहित लगभग 18 मामलों में वांछित था और करीब एक साल से फरार चल रहा था। पांच नवंबर को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस की आगामी जांच में सामने आया कि सुखविंदर को हथियार सुखविंदर उर्फ सुखी और सागर ने उपलब्ध करवाए थे, जिन्हें टीम ने शनिवार को दबोच लिया। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करने के उपरांत कारागार भेज दिया।













