Pehowa Police Clash: Chaos started with a slap, sub-inspector’s uniform torn: पिहोवा पुलिस विवाद (Pehowa Police Clash) ने कुरुक्षेत्र के पिहोवा में सनसनी मचा दी है। एक युवक को थप्पड़ मारने के बाद थाने के बाहर सब-इंस्पेक्टर के साथ मारपीट और उनकी वर्दी फाड़ने की घटना हुई।
यह पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई, जिसके वायरल होने पर पुलिस अधीक्षक ने सब-इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया। तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। यह घटना पुलिस और जनता के बीच तनाव को दर्शाती है। आइए जानते हैं इस मामले की पूरी कहानी।
थप्पड़ से शुरू हुआ विवाद Pehowa Police Clash
शनिवार रात को उस्मानपुर गांव की गीता ने अपने पति संजय के खिलाफ डायल 112 पर शिकायत की। पुलिस दोनों को पिहोवा सदर थाने ले आई। मामला सुलझाने के बाद उन्हें घर भेजने की बात हुई। लेकिन, थाने के बाहर गीता के देवर बिट्टू और सब-इंस्पेक्टर राजेश के बीच बहस शुरू हो गई।
गीता का आरोप है कि राजेश ने नशे में बिट्टू को थप्पड़ (Police Misconduct) मारा। जवाब में बिट्टू, गीता, और संजय ने सब-इंस्पेक्टर के साथ मारपीट (Physical Assault) की और उनकी वर्दी फाड़ दी। यह घटना सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गई, जो अब वायरल (Viral Video) हो चुकी है।
पुलिस की कार्रवाई और निलंबन
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने तुरंत कार्रवाई की। सब-इंस्पेक्टर राजेश को निलंबित (Officer Suspension) कर दिया गया। गीता, संजय, और बिट्टू के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने (Obstructing Duty) का केस दर्ज हुआ।
डीएसपी निर्मल सिंह को जांच सौंपी गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की तह तक जा रही है। गीता ने दावा किया कि राजेश नशे में था और उसने बेवजह थप्पड़ मारा। लेकिन, वीडियो में बिट्टू द्वारा मारपीट और गाली-गलौज साफ दिखाई दे रही है। गीता के बयान में विरोधाभास ने मामले को और जटिल बना दिया है।
समाज के लिए सबक और जांच की दिशा
यह पिहोवा पुलिस विवाद (Haryana Police Incident) पुलिस और जनता के बीच विश्वास की कमी को उजागर करता है। गीता ने दावा किया कि बिट्टू ने केवल अपना मोबाइल वापस लेने की कोशिश की, लेकिन वीडियो में मारपीट साफ दिख रही है।
यह घटना आपसी समझ और संयम की जरूरत को दर्शाती है। पुलिस ने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है। डीएसपी निर्मल सिंह ने कहा कि जांच निष्पक्ष होगी। यह मामला पुलिस सुधार और जनता के साथ बेहतर संवाद की जरूरत को रेखांकित करता है। लोगों को ऐसी घटनाओं से बचने के लिए संयम बरतना चाहिए।













