Sonipat Shopkeeper Murder: Crushed by tractor in land dispute, questions raised on police!: सोनीपत दुकानदार हत्या (Sonipat Shopkeeper Murder) ने खरखौदा के सिसाना गांव में सनसनी फैला दी है। 30 वर्षीय अशोक, जो अपने खेत के पास परचून की दुकान चलाते थे, को जमीन विवाद (Land Dispute) के चलते बेरहमी से मार डाला गया।
आरोपियों ने पहले उन्हें स्कूटी से गिराकर पीटा, फिर ट्रैक्टर से सिर कुचल दिया। इस घटना ने न केवल परिजनों को सदमे में डाल दिया, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। आइए, इस दिल दहलाने वाली घटना की पूरी कहानी और इसके पीछे के कारणों को समझते हैं।
जमीन विवाद ने ली जान Sonipat Shopkeeper Murder
सोनीपत दुकानदार हत्या (Sonipat Shopkeeper Murder) का कारण जमीन की खेवट को लेकर हुआ विवाद है। अशोक का गुहणा निवासी अमित और सिसाना के बलजीत उर्फ सोनू, दीपक उर्फ मोनू, इशु, निशु और अन्य लोगों के साथ पहले से तनाव चल रहा था।
7 जून को आरोपियों ने अशोक की दुकान में घुसकर मारपीट (Physical Assault) की थी। अशोक ने पुलिस को सूचना दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 9 जून को मेडिकल जांच के बाद शिकायत दर्ज की गई और 11 जून को थाने में राजीनामा हुआ। लेकिन आरोपियों ने थाने के बाहर ही अशोक को जान से मारने की धमकी दी थी।
क्रूर हमला: स्कूटी से गिराकर ट्रैक्टर से कुचला
8 जून की रात करीब 8:30 बजे अशोक अपनी दुकान से स्कूटी पर घर लौट रहे थे। रास्ते में भट्ठे के पास आरोपियों ने उन्हें स्कूटी से गिराकर तेज हथियारों और फायरिंग (Armed Attack) से हमला किया।
इसके बाद उन्होंने अशोक का सिर ट्रैक्टर से कुचल दिया। परिजनों ने मौके पर पहुंचकर हमलावरों को भागते देखा। अशोक की मौके पर ही मौत हो गई। इस सोनीपत दुकानदार हत्या (Sonipat Shopkeeper Murder) ने गांव में डर का माहौल बना दिया है। परिजनों ने छह लोगों पर साजिशन हत्या का आरोप लगाया है।
पुलिस की कार्रवाई और सवाल
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। थाना प्रभारी ने बताया कि हत्या का मुकदमा (Murder Case) दर्ज कर लिया गया है।
आरोपियों की तलाश में छापेमारी (Police Raids) जारी है। लेकिन परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने पहले की शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई नहीं की, जिससे यह हादसा टल सकता था। इस घटना ने पुलिस की सक्रियता और जमीन विवाद (Land Dispute) जैसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जरूरत पर सवाल उठाए हैं।











