Operation Sindoor India’s surgical strike on terrorism, Mahira Khan and Hania Aamir expressed displeasure: भारत ने आतंकवाद के खिलाफ एक बार फिर अपनी ताकत दिखाई है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय सेना ने मंगलवार और बुधवार की रात पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले कर नौ प्रमुख आतंकी अड्डों को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब थी, जिसने देश को झकझोर दिया था। जहां भारत में इस ऑपरेशन को लेकर जोश और गर्व का माहौल है, वहीं पाकिस्तानी अभिनेत्रियों माहिरा खान और हानिया आमिर ने इसकी कड़ी निंदा की है। आइए, इस घटना और इसके बाद के रिएक्शन्स को गहराई से समझते हैं।
Operation Sindoor: माहिरा खान और हानिया आमिर की नाराजगी
ऑपरेशन सिंदूर की गूंज पाकिस्तान तक पहुंची, जहां अभिनेत्री माहिरा खान और हानिया आमिर ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की। माहिरा खान ने लेखिका फातिमा भुट्टो की एक पोस्ट को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर करते हुए लिखा, “सचमुच कायरतापूर्ण! अल्लाह हमारे देश की रक्षा करे और बेहतर समझ कायम हो। आमीन।” वहीं, हानिया आमिर ने भी एक शब्द में अपनी भड़ास निकाली और ऑपरेशन को “कायरतापूर्ण” करार दिया। दोनों अभिनेत्रियों की यह प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, हालांकि उनके इंस्टाग्राम अकाउंट भारत में बैन होने के कारण भारतीय यूजर्स तक सीधे नहीं पहुंच सकी।
पहलगाम हमले के बाद भारत ने माहिरा, हानिया सहित कई पाकिस्तानी कलाकारों के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बावजूद, उनकी स्टोरीज का स्क्रीनशॉट तेजी से वायरल हुआ, जिसने दोनों देशों के बीच तनाव को और हवा दी। यह पहली बार नहीं है जब इन अभिनेत्रियों ने भारत से जुड़े मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी हो; इससे पहले भी माहिरा ने पहलगाम हमले की निंदा की थी, लेकिन बाद में अपनी पोस्ट हटा ली थी।
बॉलीवुड का समर्थन, भारतीयों में जोश
जहां पाकिस्तानी कलाकारों ने ऑपरेशन सिंदूर की निंदा की, वहीं भारत में बॉलीवुड और टीवी सितारों ने भारतीय सेना की इस कार्रवाई की जमकर तारीफ की। अभिनेत्री रुपाली गांगुली, हिना खान और सिंगर राहुल वैद्य जैसे सितारों ने सोशल मीडिया पर सेना को सलाम किया और ऑपरेशन को शहीदों के लिए सच्ची श्रद्धांजलि बताया। राहुल वैद्य ने लिखा, “हमारी सेना ने दिखा दिया कि भारत अब चुप नहीं रहेगा। जय हिंद!” भारतीय जनता में भी इस कार्रवाई को लेकर गर्व और उत्साह का माहौल है, और कई लोग इसे आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कदम मान रहे हैं।
ऑपरेशन सिंदूर: आतंक के खिलाफ भारत का करारा जवाब
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने 26 लोगों की जान ले ली थी। इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन द रेसिस्टेंस फ्रंट ने ली थी। भारत ने इस कायराना हरकत का जवाब देने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान के बहावलपुर, मुजफ्फराबाद और मुरिदके जैसे आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस कार्रवाई में कई आतंकी मारे गए, और जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों को भारी नुकसान हुआ।
भारतीय सेना ने इस ऑपरेशन को सटीक और गैर-उत्तेजक बताया, जिसमें केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, न कि पाकिस्तानी सैन्य या नागरिक क्षेत्रों को। यह कार्रवाई भारत की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का प्रतीक है, जिसने न केवल आतंकियों को सबक सिखाया, बल्कि पाकिस्तान को भी कड़ा संदेश दिया।
भारत की एकजुटता, दुनिया की नजरें
ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल भारत में, बल्कि वैश्विक मंच पर भी चर्चा छेड़ दी है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भारत-पाकिस्तान तनाव पर बंद कमरे में बैठक की, जहां तनाव कम करने की अपील की गई। अमेरिका, चीन और अन्य देशों ने संयम बरतने की सलाह दी, लेकिन भारत ने साफ कर दिया कि यह कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ थी, न कि पाकिस्तान के नागरिकों या सेना के खिलाफ। यह ऑपरेशन उन शहीदों को श्रद्धांजलि है, जिन्होंने पहलगाम जैसे हमलों में अपनी जान गंवाई, और यह भारत के संकल्प को दर्शाता है कि आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।












