Juhi Chawla news: 90 के दशक का बॉलीवुड अपने रोमांटिक और मसाला एंटरटेनमेंट के दौर के लिए आज भी याद किया जाता है। इसी समय सनी देओल उन सितारों में शामिल थे जिनके साथ हर बड़ी एक्ट्रेस काम करना चाहती थी। उनकी एक्शन इमेज के साथ-साथ ऑन-स्क्रीन रोमांस को भी दर्शक खूब पसंद करते थे।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि उस समय की सुपरस्टार जूही चावला ने सनी देओल के साथ फिल्म ‘लुटेरे’ में एक किसिंग सीन को दोबारा शूट करने से साफ इनकार कर दिया था? वजह बेहद दिलचस्प है।
फिल्म ‘लूटेरे’ और सनी–जूही की जोड़ी
निर्देशक धर्मेश दर्शन की फिल्म लूटेरे 90 के दशक की चर्चित फिल्मों में से एक रही। इसमें सनी देओल और जूही चावला की जोड़ी दर्शकों को खूब भायी।
फिल्म की कहानी में एक रोमांटिक गाना ‘मैं तेरी रानी, तू मेरा राजा’ था, जिसके लिए एक लिप-टू-लिप किसिंग सीन रखा गया था—जो उस दौर में भले सीमित था, लेकिन बड़े सितारों के बीच यह पहली बार नहीं हो रहा था।
कॉन्ट्रैक्ट में था सिर्फ “एक” किसिंग सीन
धर्मेश दर्शन के अनुसार जब फिल्म की कहानी जूही को सुनाई गई और कॉन्ट्रैक्ट साइन हुआ, उसमें एक ही किसिंग सीन तय था।
जैसे ही सीन की शूटिंग का दिन आया, टीम को पता चला कि जूही उस दिन मौजूद ही नहीं थीं। बाद में जानकारी मिली कि वे उदयपुर में किसी और फिल्म के नाम पर डेट एडजस्ट कर रही थीं, ताकि उस सीन के शूट से बच सकें।
एक प्रोडक्शन सदस्य के अनुसार, “जूही शायद इस सीन को लेकर बहुत सहज नहीं थीं, इसलिए उन्होंने शूट को जितना हो सके टालने की कोशिश की।”
एक टेक में सीन शूट… और फिर सख्त ‘NO रीटेक’
दर्शकों में यथार्थता दिखाने के लिए निर्माता सुनील दर्शन ने उस सीन को फिल्माने के लिए एक साथ कई कैमरों का सेटअप लगाया।
जूही ने जैसे-तैसे पहला टेक पूरा किया, लेकिन शूट खत्म होते ही तुरंत गाउन पहनकर वैनिटी की ओर चली गईं। मेकर्स को लगा कि शायद एंगल या लाइट के कारण सीन दोबारा फिल्माना पड़े।
जब सुनील दर्शन उनके पास रीटेक की बात लेकर पहुँचे, तो जूही ने बड़ा स्पष्ट जवाब दिया—
“कॉन्ट्रैक्ट में एक ही किसिंग सीन था… वो मैं कर चुकी हूं। अब रीटेक नहीं होगा।”
इसके बाद मेकर्स ने भी इसे सम्मानपूर्वक स्वीकार कर लिया और वह सीन कभी दोबारा शूट नहीं हुआ।
‘लूटेरे’ बनी जूही के करियर की खास फिल्म
सुनील दर्शन के मुताबिक, लुटेरे जूही चावला के करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में से एक मानी जाती है।
उन्होंने कहा,
“यह पूरी फिल्म जूही के किरदार के इर्द-गिर्द घूमती है। उस दौर में एक हीरो वाली फिल्मों में किसी एक्ट्रेस को इतना स्पेस मिलना बड़ी बात थी।”
फिल्म ने न सिर्फ जूही की स्टार वैल्यू को मजबूत किया, बल्कि सनी देओल और उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री भी लंबे समय तक चर्चा में रही।
क्यों महत्वपूर्ण है यह किस्सा?
उस दौर में एक्ट्रेस के सीमित अधिकार और इंटिमसी सीन को लेकर साफ पॉलिसी नहीं थी।
जूही की इस स्पष्टता ने आगे आने वाली एक्ट्रेसों के लिए सीमाएं तय करने का हौसला बढ़ाया।
यह घटना बताती है कि बड़े सितारे भी कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों को लेकर कितने सजग थे।
यह बॉलीवुड के उस दौर की झलक भी देती है जब रोमांस और ग्लैमर के बीच संतुलन बनाए रखना चुनौती था।













