पानीपत। जिले में 20 साल पुराने 53 हजार वाहनों को स्क्रैप करने की तैयारी चल रही है। स्क्रैप पॉलिसी के दायरे में आ चुकी गाड़ियों की आनलाइन स्क्रीनिंग हुई, जिसमें 856 गाड़ियां एनसीआर से बाहर के जिलों अथवा दूसरे राज्यों में पहले ही ट्रांसफर हो चुकी हैं। डीटीओ की तरफ से 5 साल में 2300 गाड़ी मालिकों के पते पर स्क्रैप पॉलिसी संबंधी नोटिस भेजा जा चुका है।
साथ ही वाहन पोर्टल पर रजिस्टर्ड 20 साल पुरानी गाड़ियों का स्क्रैप करने वाली एजेंसी ऑनलाइन डाटा जुटाकर संपर्क कर रही है। सहायक आरटीए शम्मी शर्मा ने कहा कि अभियान चलाकर 20 साल पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप पॉलिसी के तहत जब्त किया जाएगा।
स्क्रैप पॉलिसी का अभियान तेज
सड़क पर चलने वाली 20 साल पुरानी गाड़ियों से प्रदूषण फैलने को लेकर केंद्र ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के जिले में स्क्रैप पॉलिसी लागू की है। पॉलिसी के तहत अब 20 साल पुराने वाहनों को पकड़कर स्क्रैप करने में डीटीओ विभाग तेजी लाएगा। इस नीति के तहत नई गाड़ी के पंजीकरण अवधि पर उसे चलन से बाहर करना होता है।
एनसीआर के जिलों में प्रभावी स्क्रैप पालिसी को लेकर की समीक्षा में कई विषय पर चर्चा हुई। पेट्रोल पंपों पर ऐसे पुराने वाहनों में पेट्रोल-डीजल न डाला जाए । नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) सिस्टम लगाने के आदेश को जिले में लागू कराने के लिए प्रशासन योजना बना रहा है। इसके लिए पेट्रोल पंप संचालकों की प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक होनी है।
ट्रैफिक पुलिस को अलर्ट रहने के निर्देश
पुराने वाहनों की धरपकड़ के लिए एसपी ने ट्रैफिक पुलिस को विशेष निर्देश दिए हैं। इसके लिए 20 साल पुराने वाहन मिलने पर तुरंत इंपाउंड करने के साथ आनलाइन स्क्रैप एजेंसी में फोटो भी अपलोड करने का अधिकार दिया है। फोटो अपलोड होने के बाद स्क्रैप एजेंसी वाहन मालिक से संपर्क कर सकेगी।












