गोहाना, Property Tax Defaulters: गोहाना में प्रॉपर्टी टैक्स न चुकाने वालों के खिलाफ नगर परिषद (नप) प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कई बार नोटिस और सुनवाई का मौका देने के बावजूद कुछ लोग बकाया प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं कर रहे। अब नप प्रशासन ने ऐसे डिफॉल्टरों की प्रॉपर्टी सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहले चरण में 6 कमर्शियल प्रॉपर्टी सील की जाएंगी, जिनके मालिकों पर 33.70 लाख रुपये का टैक्स बकाया है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक मालिक बकाया टैक्स जमा नहीं करेंगे, तब तक प्रॉपर्टी की सीलिंग नहीं हटेगी।
प्रॉपर्टी टैक्स से शहर का विकास
नप प्रशासन शहर में विकास कार्यों के लिए सरकार से बजट मांगता है, लेकिन प्रॉपर्टी टैक्स की रिकवरी भी इन कार्यों के लिए जरूरी है। हर साल हाउस की बैठक में टैक्स रिकवरी का लक्ष्य तय किया जाता है। इस बार 2024-25 के लिए नप ने 3 करोड़ रुपये की रिकवरी का लक्ष्य रखा है। इसके लिए पहले ही एजेंसी के जरिए प्रॉपर्टी टैक्स के बिल बांटे जा चुके हैं। पिछले 8 महीनों में नप को करीब 1 करोड़ रुपये की रिकवरी हुई है, लेकिन अभी भी शहरवासियों पर 7 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है।
सख्ती का निर्देश, शुरू हुई कार्रवाई
जिला मुख्यालय से अधिकारियों को बकाया टैक्स की रिकवरी तेज करने और डिफॉल्टरों के खिलाफ सख्ती करने के निर्देश मिले हैं। इसके तहत नप ने पहले चरण में 6 प्रॉपर्टी मालिकों को निशाना बनाया है, जिन पर 33.70 लाख रुपये बकाया हैं। इन मालिकों को दो बार नोटिस जारी किए गए और सुनवाई के लिए बुलाया गया, लेकिन उन्होंने न तो टैक्स जमा किया और न ही सुनवाई में हिस्सा लिया। अब इन कमर्शियल प्रॉपर्टी को सील करने की पूरी तैयारी हो चुकी है।
जागरूकता के लिए उठाए कदम
प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर नप प्रशासन लोगों को जागरूक भी कर रहा है। जिन मालिकों का टैक्स 50 हजार रुपये से ज्यादा हो गया है, उन्हें फोन पर सूचना दी जा रही है। नप कर्मचारी उन्हें टैक्स जमा करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। फिर भी, कई डिफॉल्टर टैक्स जमा करने में रुचि नहीं दिखा रहे। नप सचिव सुंदर शर्मा ने कहा, “हमने लोगों को नोटिस और सुनवाई का मौका दिया, लेकिन अब सख्ती जरूरी है। प्रॉपर्टी सील करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। टैक्स जमा करने के बाद ही सील हटेगी।”












