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84 गांवों ने मिलकर जुटाए 7 करोड़, भव्य बनेगा बिश्नोई समाज का एकमात्र साथरी मंदिर

On: March 14, 2026 5:40 PM
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84 गांवों ने मिलकर जुटाए 7 करोड़, भव्य बनेगा बिश्नोई समाज का एकमात्र साथरी मंदिर
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हिसार . हरियाणा के हिसार जिले में बिश्नोई समाज की सदियों पुरानी आस्था अब एक नए और भव्य स्वरूप में आकार लेने जा रही है। जिले के रावत खेड़ा गांव में मौजूद लगभग 550 साल पुराने ऐतिहासिक गुरु जम्भेश्वर जी के साथरी मंदिर के पुनर्निर्माण का काम विधिवत रूप से शुरू कर दिया गया है। फिलहाल मौके पर मंदिर की मजबूत नींव (फाउंडेशन) तैयार करने का काम जोरों पर चल रहा है, जिसे देखने और सेवा करने के लिए रोजाना सैकड़ों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

84 गांवों ने मिलकर जुटाए 7 करोड़ रुपये

इस प्राचीन और पवित्र स्थल को एक विशाल मंदिर का रूप देने के लिए इलाके के लोगों ने एकजुटता की शानदार मिसाल कायम की है। आसपास के करीब 84 गांवों के ग्रामीणों और बिश्नोई समाज के लोगों ने आपसी सहयोग से मंदिर निर्माण के लिए 7 करोड़ रुपये की बड़ी धनराशि एकत्रित की है। गांव के सरपंच प्रतिनिधि श्रीराम सिगड़ ने जानकारी दी कि रावत खेड़ा का यह जम्भेश्वर साथरी मंदिर पूरे हरियाणा और पंजाब में बिश्नोई समाज का एकमात्र साथरी मंदिर है। यह स्थान सीधे तौर पर गुरु जम्भेश्वर जी के इस गांव में आगमन की पवित्र स्मृति से जुड़ा है।

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51 साल पहले खत्म हो गई थी महंत परंपरा

इस मंदिर का इतिहास कई पीढ़ियों पुराना है और यहां पहले ‘भियासर’ के महंतों की गद्दी परंपरा चला करती थी। हालांकि, करीब 51 साल पहले इस ऐतिहासिक मंदिर के अंतिम महंत जगदीश राम का निधन हो गया था। उनके गोलोकवासी होने के बाद से ही यहां महंत गद्दी पर बैठने की प्राचीन परंपरा पूरी तरह से बंद हो गई, लेकिन समाज के लोगों की अगाध आस्था इस स्थल से लगातार जुड़ी रही और अब उन्होंने इसे भव्य रूप देने का बीड़ा उठाया है।

पिपलिया जोहड़ और गुरु जी के विश्राम की कथा

गांव के बुजुर्गों और लोक कथाओं की मानें तो यह पवित्र स्थान रावत खेड़ा गांव के बसने से भी पहले से मौजूद है। मान्यता है कि जब गुरु जम्भेश्वर जी देश भ्रमण के दौरान अपने साधु-संतों की जमात के साथ यहां पधारे थे, तब यह इलाका एक ऊंचे टीले पर बसा था और आज भी मंदिर उसी जगह पर स्थित है। इतिहास बताता है कि गांव से पूर्व दिशा में मौजूद ‘पिपलिया’ नामक जोहड़ में पानी देखकर गुरु जी ने वहां विश्राम किया था। बाद में बिश्नोई समाज के अनुयायियों ने उन्हें पहचाना और तब से यह जगह समाज के लिए सबसे बड़ी श्रद्धा का केंद्र बन गई।

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अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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