Accident in Jind, Wife injured by soldier’s pistol, driver dies after container overturns: हरियाणा के जींद जिले में दो अलग-अलग हादसों ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। जुलाना के जैजैवंती गांव में एक फौजी की पिस्तौल से चली गोली उसकी पत्नी के कंधे में लगी,
वहीं फतेहगढ़ गांव के पास कंटेनर पलटने से चालक की दर्दनाक मौत हो गई। दोनों घटनाओं की पुलिस जांच जारी है, और ये हादसे सुरक्षा और सावधानी की अहमियत को रेखांकित करते हैं।
फौजी की पिस्तौल से चली गोली, पत्नी घायल Accident in Jind
जुलाना के जैजैवंती गांव में 14 अप्रैल 2025 को एक दुखद हादसा हुआ। ममता नाम की महिला ने पुलिस को बताया कि उसका पति सुंदर, जो फौज में कार्यरत है, अपनी पिस्तौल की सफाई कर रहा था। ममता पास ही बैठी थी, तभी अचानक पिस्तौल से गोली चली और उनके कंधे में जा लगी।
दर्द से वह वहीं गिर पड़ीं। सुंदर तुरंत उन्हें जींद के सिविल अस्पताल ले गया, जहां से डॉक्टरों ने उन्हें रोहतक पीजीआई रेफर किया। हालांकि, बेहतर इलाज के लिए सुंदर ने ममता को रोहतक के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, और बाद में हांसी के निजी अस्पताल में उनका इलाज चला।
29 अप्रैल को ममता ने पुलिस को बयान दिया कि यह हादसा पूरी तरह से अनजाने में हुआ, और इसमें किसी की गलती नहीं है। ममता के माता-पिता ने भी उनकी बात का समर्थन किया।
जुलाना थाना पुलिस ने ममता के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस घटना ने हथियारों के रखरखाव में सावधानी बरतने की जरूरत को उजागर किया है।
फतेहगढ़ में कंटेनर हादसा, चालक की मौत
दूसरी घटना अंबाला-नारनौल हाईवे नंबर 152डी पर फतेहगढ़ गांव के पास हुई। राजस्थान के कोटा निवासी 41 वर्षीय चालक रामकिशन और उनका परिचालक कोयले के मिश्रण से भरे कंटेनर को अंबाला से राजस्थान ले जा रहे थे।
मंगलवार को फतेहगढ़ के पास टायर फटने से कंटेनर अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में दोनों केबिन के नीचे दब गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने तुरंत जुलाना पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने हाइड्रा मशीन की मदद से दोनों को बाहर निकाला और जींद के सामान्य अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने रामकिशन को मृत घोषित कर दिया, जबकि घायल परिचालक को रोहतक पीजीआई रेफर किया गया।
पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और टायर फटने को प्रारंभिक कारण माना जा रहा है। यह हादसा सड़क सुरक्षा और वाहनों के रखरखाव पर सवाल उठाता है।
परिवारों पर दुख का पहाड़
दोनों हादसों ने प्रभावित परिवारों पर गहरा असर डाला है। ममता का परिवार उनके ठीक होने की प्रार्थना कर रहा है, और उन्होंने इसे एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा मानकर किसी को दोषी नहीं ठहराया।
वहीं, रामकिशन की मौत ने उनके परिवार को सदमे में डाल दिया। परिचालक की हालत भी गंभीर बनी हुई है, और उनके स्वस्थ होने की उम्मीद की जा रही है।
सावधानी की जरूरत
ये दोनों घटनाएं हमें सावधानी और जिम्मेदारी की अहमियत सिखाती हैं। हथियारों का रखरखाव हो या सड़क पर वाहन चलाना, थोड़ी सी लापरवाही भारी नुकसान पहुंचा सकती है।
पुलिस की जांच से इन हादसों के सटीक कारणों का पता चलेगा, लेकिन समाज को भी इनसे सबक लेने की जरूरत है। प्रशासन से अपेक्षा है कि वह सड़क सुरक्षा और हथियारों के सुरक्षित उपयोग को लेकर जागरूकता बढ़ाए।
जांच और भविष्य के कदम
जुलाना पुलिस दोनों मामलों में गहन जांच कर रही है। ममता के मामले में यह पुष्टि की जा रही है कि हादसा वाकई अनजाने में हुआ, जबकि कंटेनर हादसे में सड़क की स्थिति और वाहन की तकनीकी खामियों की पड़ताल हो रही है। इन घटनाओं ने जींद में सुरक्षा मानकों को और सख्त करने की जरूरत को रेखांकित किया है।











