Accident KMP Expressway: High speed truck took Sunil’s life, driver absconded: गुरुग्राम के केएमपी एक्सप्रेसवे पर एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। बिलासपुर के पचगांव टोल के पास सड़क पार कर रहे 40 वर्षीय सुनील कुमार को तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया,
जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रक चालक फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने ट्रक को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों के खतरे को फिर से उजागर करती है। आइए, इस दुखद घटना की पूरी कहानी जानते हैं।
हादसे ने छीनी जिंदगी Accident KMP Expressway
बुधवार शाम करीब पांच बजे, केएमपी एक्सप्रेसवे पर पचगांव टोल के पास उस समय हड़कंप मच गया, जब एक तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क पार कर रहे सुनील कुमार को अपनी चपेट में ले लिया।
ट्रक की रफ्तार इतनी तेज थी कि सुनील को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के समय सुनील अपनी छोटी बहन अर्चना दूबे के साथ थे, जो इस भयावह मंजर को देखकर चीख पड़ीं। अर्चना के शोर मचाने पर भीड़ इकट्ठा हुई, लेकिन तब तक ट्रक चालक वाहन छोड़कर फरार हो चुका था।
सुनील की कहानी
सुनील कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के फ्रेंड्स कॉलोनी के रहने वाले थे। 40 साल के सुनील मानेसर में एक निजी कंपनी में नौकरी करते थे और अपने परिवार के लिए मेहनती और जिम्मेदार व्यक्ति थे
। उनकी पांच बहनें हैं, जिनमें से छोटी बहन अर्चना कुछ दिन पहले उनसे मिलने मानेसर आई थीं। उस दिन सुनील और अर्चना साथ में सड़क पार कर रहे थे, तभी यह दुखद हादसा हो गया। सुनील की अचानक मौत ने उनके परिवार को गहरा सदमा दिया है।
पुलिस की कार्रवाई
हादसे की सूचना मिलते ही बिलासपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि हादसे के पीछे ट्रक की तेज रफ्तार के अलावा और क्या कारण हो सकते हैं, जैसे सड़क की स्थिति या चालक की लापरवाही। पुलिस ने सुनील के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच कर रही है।
सड़क सुरक्षा पर सवाल
यह हादसा केएमपी एक्सप्रेसवे जैसे व्यस्त राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा की कमी को फिर से उजागर करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज रफ्तार वाहन, अपर्याप्त सड़क संकेत, और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित क्रॉसिंग की कमी ऐसे हादसों का प्रमुख कारण है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि एक्सप्रेसवे पर स्पीड लिमिट को सख्ती से लागू किया जाए और पैदल यात्रियों के लिए फुटओवर ब्रिज या क्रॉसिंग की व्यवस्था की जाए।
समाज के लिए सबक
सुनील की मौत न केवल उनके परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है, बल्कि यह समाज के लिए एक चेतावनी भी है। हमें सड़क पर चलते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी, खासकर व्यस्त सड़कों और हाईवे पर। साथ ही, प्रशासन को सड़क सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने होंगे ताकि ऐसी दुखद घटनाएं दोबारा न हों।











