Sonipat Government school admissions (सोनीपत): सोनीपत जिले के सरकारी स्कूलों में इस साल दाखिलों का लक्ष्य 10% बढ़ाने का था, लेकिन हकीकत में सिर्फ 2% की बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल स्कूलों ने 4.5% का लक्ष्य हासिल किया था, लेकिन इस बार स्थिति निराशाजनक रही। जिले में 709 सरकारी स्कूल हैं, जिनमें प्राइमरी, मिडिल, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं। शैक्षणिक सत्र 2024-25 में 1,11,643 दाखिले हुए थे, और इस साल 1,13,800 दाखिले दर्ज किए गए, जो पिछले साल से सिर्फ 2,157 ज्यादा हैं। अब शिक्षा विभाग हर स्कूल के दाखिलों का मूल्यांकन करेगा और कम दाखिले वाले स्कूलों से जवाब मांगा जाएगा।
प्राइवेट स्कूलों की ओर पलायन
छात्रों के प्राइवेट स्कूलों की ओर रुख करने की समस्या को रोकने के लिए शिक्षा विभाग ने कई कदम उठाए। हर ब्लॉक में मॉडल संस्कृति स्कूल बनाए गए, जिन्हें सीबीएसई से जोड़ा गया। इन स्कूलों में हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई होती है, और कुछ प्राइवेट स्कूलों के बच्चे भी यहां दाखिला ले रहे हैं। इसके अलावा, पीएम श्री स्कूलों को भी सीबीएसई से जोड़ा जा रहा है। इस साल तीन स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हुई, और इनमें विशेष शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। फिर भी, दाखिले बढ़ाने के लिए चलाए गए अभियान का असर कम रहा।
बाल वाटिका में दाखिले घटे
छोटे बच्चों को प्राइवेट स्कूलों की ओर जाने से रोकने के लिए सरकारी स्कूलों में बाल वाटिका शुरू की गई थी। इसका मकसद था कि आंगनबाड़ी के बच्चे सरकारी स्कूलों में आएं। सुविधाएं बढ़ाने के बावजूद बाल वाटिका में दाखिले लगातार कम हो रहे हैं। सत्र 2021-22 में 10,684 दाखिले थे, जो इस साल घटकर 4,720 हो गए। शिक्षकों का कहना है कि दाखिले की आयु सीमा इसका बड़ा कारण है। विभाग अब इस कमी के कारणों का पता लगाने के लिए शिक्षकों के साथ बैठक करेगा।
स्कूलों की जवाबदेही तय
जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) नवीन गुलिया ने बताया कि दाखिले पिछले साल से बढ़े हैं, लेकिन 10% के लक्ष्य को हासिल नहीं किया जा सका। हर स्कूल के दाखिलों का आकलन किया जाएगा, और कमियां दूर की जाएंगी। जिन स्कूलों में दाखिले पिछले साल से भी कम हुए हैं, उनके प्राचार्यों से जवाब मांगा जाएगा। विभाग का लक्ष्य है कि अगले सत्र में दाखिलों की संख्या बढ़े और सरकारी स्कूलों की साख मजबूत हो।












