MDU academic council, रोहतक न्यूज : दयानंद विश्वविद्यालय की 204वीं एकेडमिक काउंसिल (शैक्षणिक परिषद) बैठक में कई ऐसे ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, जो न केवल विश्वविद्यालय की शैक्षणिक दिशा को नए आयाम देंगे। बैठक में 195 पीएचडी शोधार्थियों के पंजीकरण को मंजूरी दी गई। विभिन्न विभागों में ये शोधार्थी विविध विषयों पर काम करेंगे। इससे विश्वविद्यालय के शोध कार्यों में नई ऊर्जा आएगी और शैक्षणिक योगदान को मजबूती मिलेगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को कई संकायों और कार्यक्रमों में लागू करने का निर्णय लिया गया। इसमें स्नातक और वीसी प्रो. राजबीर सिंह व अन्य।
स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की नई परीक्षा योजनाओं को मंजूरी दी गई। साथ ही इंजीनियरिंग व प्रौद्योगिकी संकाय तथा दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा से जुड़े पाठ्यक्रमों में भी नई प्रणाली लागू होगी। उन्होंने बताया कि बैठक में शैक्षणिक सहयोग और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए छह समझौता ज्ञापनों पर सहमति बनी।
इनमें रुहिल फ्यूचर टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के साथ नवाचार और उद्यमिता, सीएसआर बॉक्स फाउंडेशन के साथ रोजगारोन्मुख कौशल, नास्कॉम / आईटी आईटीईएस सेक्टर स्किल्स काउंसिल के साथ उभरती तकनीकों में प्रशिक्षण, क्लासिक गोल्फ एंड कंट्री क्लब के साथ होटल पर्यटन प्रबंधन, और भारत सरकार के अप्रेंटिसशिप एवं ट्रेनिंग बोर्ड के साथ सहयोग शामिल हैं।
कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने बताया कि इन फैसलों से विश्वविद्यालय एक नई ऊंचाई की ओर बढ़ेगा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना को मजबूत करेगा। इस अवसर पर डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एससी मलिक और रजिस्ट्रार डॉ. कृष्ण कांत समेत विवि के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में ये भी फैसले लिए गए
» रिसर्च चेयर के शैक्षणिक, शोध कार्य और सुदृढ़ करने का निर्णय।
» सरकार की केजी टू पीजी योजना के तहत कैंपस स्कूल के छात्रों के लिए विश्वविद्यालय के स्नातक कार्यक्रमों में 2 अतिरिक्त सीटें।
» विवि अनुसंधान छात्रवृत्ति में नए नियम लागू।
» गणितीय और कम्प्यूटेशनल विज्ञान संकाय की स्थापना।
» पाठ्यक्रम एवं डिजाइन विकास केंद्र की सिफारिश पर रचनात्मक मूल्यांकन प्रणाली को मंजूरी।
» कॉलेज शिक्षकों के पदोन्नति पर साल में दो बार विचार होगा।
» डीलिट, डी एससी, पोस्ट डॉक्टोरल फेलो, शिक्षक फेलो व सहयोगियों की सैद्धांतिक मंजूरी।
भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र की स्थापना पर सहमति दी
स्नातक के लिए इंटर्नशिप को व्यवस्थित करने हेतु एमडीयू आर इंटर्नशिप विनियम 2025 को मंजूरी दी गई। यह विनियम यूजीसी ढांचे पर आधारित होगा और छात्रों को अनुसंधान आधारित प्रशिक्षण प्रदान करेगा। बैठक में भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र की स्थापना पर सहमति दी गई। केंद्र का उद्देश्य विषयों में ज्ञान परंपरा से जुड़े पाठ्यक्रमों का विकास व निगरानी करना होगा।













