Big negligence in road construction in Haryana Faral-Kaul road is incomplete, yet a board of ‘work completed’ is installed: हरियाणा के पूंडरी में फरल से कौल जाने वाली सड़क के निर्माण में पीडब्ल्यूडी विभाग की घोर लापरवाही सामने आई है।
सड़क का काम अधूरा होने के बावजूद ‘निर्माण पूर्ण’ का साइन बोर्ड लगा दिया गया, जिससे ग्रामीणों में गुस्सा है। अधूरी सड़क पर बिखरी बजरी से वाहन चालक घायल हो रहे हैं। आइए, इस मामले की पूरी सच्चाई जानते हैं।
अधूरी सड़क, गलत साइन बोर्ड Road Construction
पूंडरी के फरल से कौल तक जाने वाली सड़क लंबे समय से खस्ताहाल है। ग्रामीणों की शिकायतों के बाद इसका निर्माण शुरू हुआ, लेकिन काम अभी पूरा नहीं हुआ।
हैरानी की बात है कि सड़क पर पहले ही एक साइन बोर्ड लगा दिया गया, जिसमें लिखा है कि निर्माण 23 जुलाई 2024 को शुरू हुआ और 22 जनवरी 2025 को पूरा हो गया। यह गलत बोर्ड देखकर ग्रामीण भड़क गए हैं, क्योंकि सड़क पर बिखरी बजरी और पत्थर उनकी मुश्किलें बढ़ा रहे हैं।
ग्रामीणों का गुस्सा, वाहन चालकों को खतरा
स्थानीय लोग मेहर सिंह, गुरनाम सिंह, सुरेंद्र सिंह, कालू सिंह और अन्य ने बताया कि सड़क को आधा-अधूरा छोड़ दिया गया है। बिखरे पत्थर और बजरी के कारण वाहन चालक रोज चोटिल हो रहे हैं। सड़क पर उड़ने वाली धूल से सैकड़ों डेरे और ढाणियों में रहने वाले लोग परेशान हैं।
पत्थर छिटकने से वाहनों के टायर फट रहे हैं और लोग घायल हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग ने सड़क को लावारिस छोड़ दिया और गलत साइन बोर्ड लगाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया।
इंजीनियर ने ठीकरा फोड़ा पेंटर पर
जब इस मामले में पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता वरुण कंसल से बात की गई, तो उन्होंने इसे पेंटर की गलती बताया।
उन्होंने कहा कि सड़क का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है और इसे 15 मई 2025 तक पूरा करने की उम्मीद है। गलत तारीख वाला बोर्ड ठीक करवाया जा रहा है। हालांकि, ग्रामीण इस जवाब से संतुष्ट नहीं हैं और इसे विभाग की लापरवाही मानते हैं।
ग्रामीणों की मांग, जांच की जरूरत
ग्रामीणों ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क निर्माण में देरी और गलत साइन बोर्ड लगाना सरासर गैर-जिम्मेदारी है।
वे चाहते हैं कि जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो और सड़क का काम जल्द पूरा किया जाए। इस सड़क से न केवल स्थानीय लोग, बल्कि आसपास के गांवों के लोग भी प्रभावित हो रहे हैं।
सड़क सुरक्षा और जवाबदेही जरूरी
यह घटना सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है। अधूरी सड़कों पर गलत बोर्ड लगाना न केवल लापरवाही है, बल्कि लोगों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ भी है। प्रशासन को चाहिए कि वह इस मामले की गंभीरता से जांच करे और ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान करे।













