हरियाणा सरकार ने राज्य के करीब 1.20 लाख अनुबंध कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए जॉब सिक्योरिटी 2025 नियमों के तहत एक नया ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। इस फैसले का मकसद अनुबंध पर काम कर रहे कर्मचारियों को नौकरी की स्थिरता और प्रशासनिक सुरक्षा देना है। सरकार ने साफ किया है कि अब यह पूरी प्रक्रिया केवल ऑनलाइन माध्यम से ही पूरी होगी।
क्या है नया फैसला और किसे मिलेगा फायदा
राज्य सरकार ने securedemployee.csharyana.gov.in नाम से एक विशेष पोर्टल लॉन्च किया है, जिसके जरिए अनुबंध कर्मचारी अपनी नौकरी सुरक्षा के लिए आवेदन कर सकेंगे। यह पोर्टल मुख्यमंत्री नायब सैनी ने शुरू किया है।
इस फैसले से उन कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा जो कई वर्षों से अनुबंध आधार पर सरकारी विभागों, बोर्डों और निगमों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अब तक स्थायी सुरक्षा से वंचित थे।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम न केवल कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा बढ़ाएगा बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में स्थिरता भी लाएगा।
एक साल से क्यों था इंतजार
अनुबंध कर्मचारियों को इस पोर्टल का लंबे समय से इंतजार था। लगभग एक साल पहले सरकार ने जॉब सिक्योरिटी नियमों की घोषणा की थी, लेकिन तकनीकी और प्रक्रियागत कारणों से ऑनलाइन व्यवस्था शुरू नहीं हो पाई थी।
हाल ही में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया कि
अब सभी आवेदन, सत्यापन और आदेश केवल ऑनलाइन सिस्टम से ही किए जाएंगे।
कोई भी ऑफलाइन आवेदन या भौतिक आदेश मान्य नहीं होगा।
इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता, एकरूपता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
आवेदन और सत्यापन की पूरी टाइमलाइन
सरकार ने पूरी प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से तय किया है ताकि किसी भी स्तर पर भ्रम न हो।
महत्वपूर्ण तिथियां
• 31 जनवरी तक कर्मचारियों को पोर्टल पर पंजीकरण और दस्तावेज अपलोड करने होंगे
• 28 फरवरी तक संबंधित DDO द्वारा सेवा रिकॉर्ड का सत्यापन
• 31 मार्च तक वित्त विभाग द्वारा पात्र कर्मचारियों के लिए सुपरन्यूमैरेर पदों का सृजन
• 30 अप्रैल तक विभागाध्यक्षों द्वारा अंतिम स्वीकृति और सेवा सुरक्षा पत्र जारी
सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्डों और निगमों को निर्देश दिए हैं कि तय समयसीमा का सख्ती से पालन किया जाए। देरी या लापरवाही पर जवाबदेही तय होगी।
कौन से दस्तावेज होंगे जरूरी
पोर्टल पर आवेदन करते समय कर्मचारियों को निम्न दस्तावेज अपलोड करने होंगे
• आधार कार्ड और आधार विवरण
• मोबाइल नंबर
• वेतन विवरण और सैलरी स्लिप या भुगतान प्रमाण
• अनुभव प्रमाण पत्र
• डिप्लॉयमेंट या ऑफर लेटर
• पासपोर्ट साइज फोटो
सरकार का कहना है कि दस्तावेज पूरे और सही होने पर ही आवेदन पर आगे कार्रवाई होगी।
यह फैसला क्यों है अहम
विशेषज्ञ मानते हैं कि हरियाणा सरकार का यह कदम अनुबंध कर्मचारियों के लिए संरचनात्मक सुधार की दिशा में बड़ा प्रयास है।
इससे
• नौकरी की अनिश्चितता कम होगी
• कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा
• प्रशासनिक कामकाज में निरंतरता आएगी
• सरकार और कर्मचारियों के बीच विश्वास मजबूत होगा
पहले भी कुछ राज्यों ने सीमित स्तर पर ऐसे प्रयास किए थे, लेकिन हरियाणा में इसे डिजिटल और समयबद्ध ढांचे में लागू किया जा रहा है, जो इसे अलग बनाता है।
आगे क्या होगा
सरकार के संकेत साफ हैं कि भविष्य में अनुबंध कर्मचारियों से जुड़े अन्य सुधार भी इसी डिजिटल मॉडल पर लाए जा सकते हैं। फिलहाल कर्मचारियों को सलाह दी गई है कि वे समय पर पंजीकरण करें और सही दस्तावेज अपलोड करें ताकि प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।












