Dandha Nyoliwala Songs Banned in Haryana know details: हरियाणा की धरती से निकलने वाली हरियाणवी म्यूजिक की धूम देश-दुनिया में मची है, लेकिन अब यह इंडस्ट्री एक नए तूफान का सामना कर रही है। हरियाणा सरकार ने गन कल्चर और बदमाशी को बढ़ावा देने वाले गानों पर सख्ती बरतते हुए यूट्यूब से कई हिट ट्रैक्स हटा दिए हैं। मासूम शर्मा और अमित सैनी रोहतकिया के बाद अब फेमस रैपर ढांडा न्योलीवाला भी इस कार्रवाई की चपेट में आ गए हैं। उनके सुपरहिट गाने ‘इलीगल’ पर बैन ने फैंस को चौंका दिया है। आखिर यह सिलसिला कहां जा रहा है, और क्या इससे हरियाणवी म्यूजिक की पहचान बदल जाएगी?
Dandha Nyoliwala Songs Banned: गन कल्चर पर सरकार की नजर
हरियाणा सरकार ने गन कल्चर और हिंसक बोल वाले गानों के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है। पिछले कुछ समय में साइबर सेल ने ऐसे गानों की बारीकी से जांच शुरू की है, जिनमें बदमाशी, हिंसा या हथियारों का जिक्र होता है। इस कार्रवाई में अब तक करीब 30 गाने यूट्यूब से हटाए जा चुके हैं। मासूम शर्मा के 10 गानों से लेकर गजेंद्र फोगट, अंकित बालियान और नरेंद्र भगाना जैसे सितारों के ट्रैक्स भी इस लिस्ट में शामिल हैं। सरकार का कहना है कि ये गाने युवाओं पर गलत असर डालते हैं, लेकिन इस सख्ती ने म्यूजिक इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है।
ढांडा न्योलीवाला की बारी
हरियाणवी रैप की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने वाले ढांडा न्योलीवाला इस बैन के नए शिकार बने हैं। उनका गाना ‘इलीगल’, जिसने लाखों फैंस का दिल जीता था, अब यूट्यूब पर उपलब्ध नहीं है। ढांडा ने ‘अप टू यू’, ‘रशियन बड़ाना’, ‘ईगो किलर’ और ‘नो मर्सी’ जैसे गानों से युवाओं के बीच जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की थी। उनके बोल, स्टाइल और बेबाक अंदाज ने उन्हें हरियाणवी म्यूजिक का उभरता सितारा बनाया, लेकिन इस बैन ने उनके फैंस को निराश कर दिया है। यह सवाल उठ रहा है कि क्या रचनात्मकता पर लगाम लगाई जा रही है?
मासूम शर्मा का दर्द
इस विवाद की शुरुआत मासूम शर्मा के गानों पर बैन से हुई थी। उनके करीब 10 गाने, जिनमें हर एक को करोड़ों व्यूज मिले थे, यूट्यूब से हटाए गए। मासूम ने खुलकर सरकार पर पक्षपात का आरोप लगाया। उनका कहना था कि सिर्फ उनके गानों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि इंडस्ट्री में ऐसे कई ट्रैक्स हैं, जिन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। मासूम के इस बयान ने बहस को और हवा दी। उनके साथ अमित सैनी रोहतकिया और अंकित बालियान जैसे सिंगर्स ने भी इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
इंडस्ट्री पर क्या होगा असर?
यह बैन सिर्फ कुछ गानों तक सीमित नहीं है, बल्कि हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री के भविष्य पर सवाल खड़े कर रहा है। सिंगर्स का मानना है कि अगर यही सिलसिला रहा, तो उनकी रचनात्मक आजादी छिन जाएगी। दूसरी ओर, सरकार का तर्क है कि गन कल्चर को बढ़ावा देने वाले गाने समाज के लिए खतरा हैं। इस टकराव ने फैंस को भी दो खेमों में बांट दिया है। कोई इसे जरूरी कदम मान रहा है, तो कोई इसे कला पर हमला बता रहा है। हरियाणवी म्यूजिक, जो अपनी देसी धुनों और बिंदास अंदाज के लिए जानी जाती है, अब एक नए मोड़ पर खड़ी है।












