दिल्ली सरकार 20 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाकर हरियाणा से उत्तरी दिल्ली की कनेक्टिविटी बेहतर करेगी, जिससे यात्रा समय घटेगा और जाम से राहत मिलेगी।
दिल्ली और हरियाणा के बीच रोजाना आने जाने वाले लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत की तैयारी है। दिल्ली सरकार उत्तरी दिल्ली को हरियाणा से जोड़ने के लिए करीब 20 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने जा रही है। यह कॉरिडोर इन्द्रलोक से बवाना होते हुए हरियाणा सीमा तक जाएगा और अनुमानित लागत करीब 4700 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
यह परियोजना क्यों जरूरी है
उत्तरी दिल्ली और हरियाणा के बीच रोजाना भारी ट्रैफिक दबाव रहता है। बवाना नरेला रोहिणी और आसपास के इलाकों से दिल्ली आने वाले लोगों को लंबे जाम का सामना करना पड़ता है।
शहरी परिवहन विशेषज्ञों के अनुसार, एलिवेटेड और सिग्नल फ्री कॉरिडोर
यात्रा समय कम करते हैं
ईंधन की खपत घटाते हैं
प्रदूषण नियंत्रण में मदद करते हैं
इसी जरूरत को देखते हुए यह परियोजना आगे बढ़ाई जा रही है।
कॉरिडोर की पूरी रूपरेखा
मुनक नहर के साथ बनेगा एलिवेटेड रोड
यह एलिवेटेड कॉरिडोर मुनक नहर के समानांतर तैयार किया जाएगा। इसका शुरुआती बिंदु इन्द्रलोक होगा और यह बवाना होते हुए हरियाणा बॉर्डर तक पहुंचेगा।
मुख्य विशेषताएं
पूरी तरह सिग्नल फ्री कॉरिडोर
जमीन अधिग्रहण की जरूरत नहीं
दिल्ली सरकार की फंडिंग
निर्माण एजेंसी के रूप में एनएचएआई
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, सरकारी जमीन उपलब्ध होने से परियोजना में देरी की संभावना कम है।
तीन साल में पूरा होने का लक्ष्य
टेंडर प्रक्रिया जल्द
पीडब्लूडी इस परियोजना के लिए जल्द ही टेंडर जारी करने की तैयारी में है। अनुमान है कि तीन साल में निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
परियोजना पूरी होने के बाद हरियाणा से उत्तरी दिल्ली आने वाले यात्रियों का
करीब 40 प्रतिशत तक यात्रा समय बचेगा
ट्रैफिक सिग्नल पर रुकने की जरूरत नहीं होगी
इन्द्रलोक से कश्मीरी गेट तक सुरंग का प्रस्ताव
मध्य दिल्ली तक सीधी कनेक्टिविटी
परियोजना को और प्रभावी बनाने के लिए इन्द्रलोक से कश्मीरी गेट तक करीब 4 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाने पर भी विचार किया जा रहा है।
अगर यह सुरंग बनी
आईएसबीटी कश्मीरी गेट सीधे जुड़ जाएगा
मध्य दिल्ली तक सिग्नल फ्री सफर संभव होगा
रिंग रोड और आसपास के इलाकों में जाम कम होगा
किन इलाकों को होगा सबसे ज्यादा फायदा
इस कॉरिडोर का असर दिल्ली और हरियाणा दोनों में दिखेगा।
दिल्ली में लाभान्वित क्षेत्र
बवाना
कान्हावाला
नरेला
रोहिणी
हरियाणा से लाभ
सोनीपत
रोहतक
आसपास के औद्योगिक क्षेत्र
आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियां तेज होंगी और रोजगार के नए अवसर बनेंगे।
ट्रैफिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम
दिल्ली में ट्रैफिक सुधार के लिए चल रही कई योजनाओं में यह परियोजना एक अहम कड़ी मानी जा रही है। लंबे समय से यात्रियों द्वारा इस रूट पर जाम की शिकायत की जा रही थी।
सरकार को उम्मीद है कि इस एलिवेटेड कॉरिडोर से
रोजाना यात्रा करने वालों को राहत मिलेगी
शहर की लॉजिस्टिक क्षमता बढ़ेगी
सड़क नेटवर्क अधिक संतुलित होगा












