फरीदाबाद. फरीदाबाद के सेक्टर 61 में 100 इलेक्ट्रिक बसों के लिए नया डिपो बनेगा। एचएसवीपी 6 करोड़ की लागत से इसका निर्माण करेगा जिसमें चार्जिंग स्टेशन और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स भी शामिल हैं।
औद्योगिक नगरी फरीदाबाद के निवासियों का सफर अब और भी सुहाना और प्रदूषण मुक्त होने वाला है। केंद्र सरकार की ओर से शहर को 100 नई इलेक्ट्रिक बसें मिलने का रास्ता साफ हो गया है। इन आधुनिक बसों के ठहराव और रखरखाव के लिए सेक्टर 61 में एक नया सिटी बस डिपो बनाया जाएगा। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण यानी एचएसवीपी ने इस परियोजना को अमलीजामा पहनाने की तैयारी पूरी कर ली है। यह कदम शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगा।
आज खुलेगा टेंडर, जल्द शुरू होगा काम
इस परियोजना को लेकर प्रशासन अब एक्शन मोड में आ गया है। एचएसवीपी द्वारा आज इस डिपो के निर्माण के लिए टेंडर खोला जाएगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही यह तय हो जाएगा कि कौन सी एजेंसी इस डिपो का निर्माण करेगी। अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्य आवंटित होने के बाद बहुत जल्द जमीन पर काम शुरू हो जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि बसों की डिलीवरी से पहले डिपो और चार्जिंग का बुनियादी ढांचा तैयार कर लिया जाए ताकि जनता को तुरंत इसका लाभ मिल सके।
6 करोड़ का बजट और आधुनिक सुविधाएं
सेक्टर 61 में बनने वाला यह बस डिपो कई मायनों में खास होगा। इसके निर्माण के लिए लगभग 6 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
सिविल कार्य: इसमें से करीब 3 करोड़ रुपये सिविल कार्यों यानी निर्माण और ढांचे पर खर्च किए जाएंगे।
इलेक्ट्रिकल कार्य: बाकी के 3 करोड़ रुपये बिजली के काम और चार्जिंग स्टेशन बनाने पर खर्च होंगे।
क्षमता: इस डिपो में एक साथ करीब 100 बसों को खड़ा करने की क्षमता होगी।
चार्जिंग स्टेशन: चूंकि ये सभी बसें इलेक्ट्रिक होंगी इसलिए डिपो के अंदर ही हाई पावर चार्जिंग पॉइंट लगाए जाएंगे ताकि बसों को रात में चार्ज किया जा सके।
बसों के साथ बिजनेस का भी प्लान
एचएसवीपी ने इस परियोजना को केवल बस डिपो तक सीमित नहीं रखा है बल्कि इसे राजस्व का जरिया बनाने की भी योजना है। विभाग ने बस डिपो के ऊपर एक कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। करीब 4 एकड़ जमीन पर चारदीवारी की जाएगी। भविष्य में यहां दुकानें और ऑफिस स्पेस बनाए जा सकते हैं जिससे परिवहन विभाग को अतिरिक्त कमाई होगी और यात्रियों को सुविधाएं मिलेंगी।
दो साल बाद दूर हुई बाधा
आपको बता दें कि यह प्रोजेक्ट पिछले दो साल से लटका हुआ था। पहले इस डिपो का निर्माण फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण यानी एफएमडीए द्वारा किया जाना था। जमीन अधिग्रहण और अन्य कागजी कार्रवाई में देरी के कारण काम शुरू नहीं हो पा रहा था। अब एचएसवीपी ने कमान संभाल ली है और बजट भी पास कर दिया है। जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित होने के बाद अब निर्माण कार्य में कोई बाधा नहीं है।
प्रदूषण से मिलेगी राहत
फरीदाबाद जैसे औद्योगिक शहर में प्रदूषण एक बड़ी समस्या है। डीजल और सीएनजी बसों की जगह 100 नई इलेक्ट्रिक बसों के चलने से शहर की आबोहवा में सुधार होगा। ये बसें शहर के अलग अलग रूटों पर चलाई जाएंगी जिससे मेट्रो स्टेशनों तक कनेक्टिविटी बेहतर होगी और दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।













