Gift of free electricity to 44 villages of Haryana: New initiative of PM Surya Ghar Yojana: हरियाणा के रोहतक जिले में एक अनूठी पहल ने ग्रामीण जीवन को रोशन करने का रास्ता खोल दिया है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत जिले के 44 गांवों को मॉडल सोलर गांव के रूप में विकसित करने के लिए चुना गया है।
इस योजना के तहत चयनित गांवों में सोलर ऊर्जा का ढांचा तैयार किया जाएगा, जिससे न केवल बिजली बिलों में कमी आएगी, बल्कि गांव 24 घंटे स्वच्छ ऊर्जा से जगमगाएंगे। रोहतक के जिला उपायुक्त धीरेंद्र खडगटा ने इस पहल की जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह योजना ग्रामीण आत्मनिर्भरता और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
मॉडल सोलर गांव प्रतियोगिता: अवसर और पुरस्कार Free Electricity
रोहतक में 8 अक्टूबर 2025 तक आयोजित होने वाली मॉडल सोलर गांव प्रतियोगिता में 44 गांव हिस्सा लेंगे। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य गांवों को सोलर ऊर्जा के उपयोग में अग्रणी बनाना है।
उपायुक्त धीरेंद्र खडगटा ने बताया कि जो गांव इस प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगा, उसे सोलर ऊर्जा के बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए एक करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। यह राशि गांवों में सोलर पैनल, सोलर लाइट, सोलर पंप और अन्य सुविधाओं को स्थापित करने में उपयोग होगी। यह पहल न केवल गांवों को आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि बिजली के खर्च को भी कम करेगी।
पीएम सूर्य घर योजना का मकसद
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का मुख्य लक्ष्य देश के हर जिले में एक मॉडल सोलर गांव विकसित करना है। इस योजना के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देना है। योजना के तहत गांवों के हर घर और सार्वजनिक भवनों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे।
इसके अलावा, सोलर आधारित जल व्यवस्था, सोलर पंपों के माध्यम से कृषि कार्य, और गांव की गलियों में सोलर लाइट की व्यवस्था की जाएगी। यह योजना गांवों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ बिजली बिलों पर होने वाले खर्च को कम करने में मदद करेगी।
चयनित 44 गांव: रोहतक की नई पहचान
रोहतक के 44 गांव इस योजना का हिस्सा बनने जा रहे हैं। इनमें टिटौली, चिड़ी, सांघी, खिड़वाली, इस्माइला 11बी, खरावड़, भालोट, जसिया, हसनगढ़, रूडकी, समचाना, रिठाल फोगाट, गांधरा, मकडौली कलां, पाकस्मा, किलोई दोपाना, किलोई खास, कंसाला, घरौंठी, बहुअकबरपुर, फरमाणा खास,
लाखनमाजरा, गिरावड़, किशनगढ़, मदीना कोरसान, मदीना गिंधराण, निंदाना टीगरी, मोखरा खास, सीसर खास, खरकड़ा छाजान, भैणी महाराजपुर, बैंसी, बहलबा, मोखरा खेड़ी, काहनौर, बालंद, सुंडाना, बनियानी, करौंथा, निंगाना, कटेसरा, पिलाना और रिटौली शामिल हैं। इन गांवों के लिए यह योजना एक सुनहरा अवसर है, जो उन्हें आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम करेगी।
ग्रामीण जीवन में बदलाव की उम्मीद
यह योजना ग्रामीण जीवन को कई तरह से बेहतर बनाएगी। सोलर ऊर्जा के उपयोग से गांवों में बिजली की निर्बाध आपूर्ति होगी, जिससे रात में पढ़ाई करने वाले बच्चों से लेकर खेती-बाड़ी करने वाले किसानों तक सभी को फायदा होगा।
सोलर लाइटों से गांव की गलियां सुरक्षित और रोशन होंगी, जबकि सोलर पंप खेती को और आसान बनाएंगे। उपायुक्त ने बताया कि यह योजना पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगी।
ग्रामीणों के लिए सलाह
जिला प्रशासन ने गांव वालों से अपील की है कि वे इस प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और सोलर ऊर्जा के उपयोग को अपनाएं। ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे अपने घरों और सार्वजनिक भवनों पर सोलर पैनल लगाने के लिए जिला प्रशासन से संपर्क करें। यह योजना न केवल बिजली बिलों में कमी लाएगी, बल्कि गांवों को आत्मनिर्भर और पर्यावरण के प्रति जागरूक भी बनाएगी।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रोहतक के 44 गांवों को मॉडल सोलर गांव बनाने की पहल एक प्रेरणादायक कदम है। यह योजना न केवल ग्रामीणों को मुफ्त बिजली का तोहफा देगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक मिसाल कायम करेगी। इन गांवों के लिए यह एक नई शुरुआत है, जो उन्हें विकास और समृद्धि की राह पर ले जाएगी।










