Haryana government Shops Act Amendment: हरियाणा शॉप्स एंड कमर्शियल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में संशोधन। दुकानों में काम 9 से 10 घंटे, ओवरटाइम 144 घंटे तिमाही में। नियुक्ति पत्र जरूरी, नियम तोड़ने पर 10 हजार तक जुर्माना।
हरियाणा में बीजेपी सरकार ने शॉप्स एंड कमर्शियल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट 1958 में बड़ा बदलाव कर दिया है। अब दुकानों और कंपनियों में काम के घंटे नौ से बढ़ाकर दस कर दिए गए हैं। कर्मचारियों के लिए ओवरटाइम का समय भी बढ़ा दिया गया है।
हरियाणा शॉप्स एक्ट में बड़ा बदलाव
चंडीगढ़ से खबर है कि व्यापारिक जगहों पर बिजनेस के घंटे नौ से दस हो गए हैं। मतलब कर्मचारियों को अब दस घंटे काम करना पड़ेगा। ओवरटाइम की सीमा 115 घंटे से बढ़ाकर 144 घंटे कर दी गई है। बड़ी कंपनियों को अब हर कर्मचारी को नियुक्ति पत्र और आईडी कार्ड देना जरूरी होगा। तीन नवंबर को कैबिनेट बैठक में ये संशोधन पास हुआ था।
राज्यपाल प्रोफेसर अशीम घोष ने इस संशोधन को अध्यादेश के जरिए लागू कर दिया है। जल्द ही विधानसभा में इसे पास करवाया जाएगा। अब दुकानों और कंपनियों में दस घंटे काम का नियम लागू हो गया है।
144 घंटे का ओवरटाइम, कारोबारियों को फायदा
इस बदलाव से दुकानदारों को नए ग्राहकों तक पहुंचने में आसानी होगी। उनकी कमाई बढ़ेगी। तिमाही में ओवरटाइम अब 144 घंटे तक हो सकता है। सारा ओवरटाइम काम कर्मचारी की मर्जी से होगा। ओवरटाइम पर दोगुनी मजदूरी मिलेगी जिससे मजदूरों का हक सुरक्षित रहेगा।
दो तरह का वर्क फ्रॉम होम, आईडी कार्ड जरूरी
अब हर कर्मचारी को जॉब लेटर और पहचान पत्र देना अनिवार्य है। महाराष्ट्र की तरह हरियाणा में भी दो स्तर का सिस्टम शुरू हो गया है। 20 तक कर्मचारी वाली कंपनियों और उससे ज्यादा वाली यूनिट्स का रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन होगा।
नियम न मानने पर भारी जुर्माना
नियम तोड़ने पर पहली बार 3 हजार से 10 हजार तक का फाइन लगेगा। अगर बार बार उल्लंघन हो तो रोज 500 रुपये का जुर्माना होगा। रेस्ट लीव के हकदार होने के लिए कर्मचारी को लगातार छह घंटे काम करना जरूरी है।
महिलाओं को मशीन पर सिर्फ सेफ्टी गियर मिलने पर ही काम करने की इजाजत होगी। अधिनियम की धारा 27 से कपास मशीनों पर महिलाओं और बच्चों का पुराना बैन हटा लिया गया है। क्योंकि बाल मजदूरी पर पहले से सख्त कानून हैं।












