Haryana government’s historic decision: Socio-economic criteria penalty conditions removed, major changes in jobs: हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हालिया कैबिनेट बैठक ने राज्य के नागरिकों के लिए कई राहत भरे फैसले लिए हैं।
इस महत्वपूर्ण बैठक में 24 मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें से 22 को मंजूरी मिली। इन फैसलों में नौकरी और उद्यमिता से जुड़े कई अहम बदलाव शामिल हैं, जो हरियाणा के युवाओं और कर्मचारियों के लिए नए अवसर खोलेंगे। आइए, इन फैसलों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
नौकरी नियमों में राहत, सामाजिक-आर्थिक मानदंड हटाए Socio-economic criteria penalties
हरियाणा सरकार ने नौकरियों में भर्ती प्रक्रिया को और पारदर्शी व समावेशी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएनएल) की नीतियों से सामाजिक-आर्थिक मानदंड और अनुभव से संबंधित सभी शर्तों को हटा दिया गया है।
यह बदलाव न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में निजी क्षेत्र की भर्तियों पर भी लागू होगा। इस फैसले से उन युवाओं को फायदा होगा, जो पहले इन मानदंडों के कारण नौकरी से वंचित रह जाते थे।
इसके अलावा, सरकार ने पंजीकृत आवेदकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का ऐलान किया है। यह पहल युवाओं को उद्यमिता और रोजगार के लिए तैयार करेगी, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। यह कदम हरियाणा में बेरोजगारी को कम करने और युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
कर्मचारियों के लिए उम्र सीमा और जुर्माने में राहत
कैबिनेट ने नौकरियों से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण बदलावों को भी मंजूरी दी है। एचकेआरएनएल के तहत लेवल-1 जॉब रोल (ग्रुप डी कर्मचारियों) के लिए अधिकतम आयु सीमा को 58 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष कर दिया गया है।
यह फैसला उन कर्मचारियों के लिए राहत भरा है, जो उम्र सीमा के कारण नौकरी से बाहर होने के कगार पर थे।
साथ ही, एचकेआरएनएल द्वारा लगाए जाने वाले जुर्माने से संबंधित सभी प्रावधानों को भी हटा दिया गया है। इससे कर्मचारियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ कम होगा और कार्यस्थल पर उनकी स्थिति मजबूत होगी।
इसके अलावा, आरक्षण रोस्टर को अब नौकरी के स्तर और राज्य स्तर पर इंडेंट के आधार पर तैयार किया जाएगा, जिससे भर्ती प्रक्रिया और अधिक निष्पक्ष होगी।
अनुकंपा नियुक्ति में बदलाव
सरकार ने अनुकंपा आधार पर नियुक्तियों के लिए भी नए नियम बनाए हैं। अब इन नियुक्तियों के लिए सक्षम प्राधिकारी हरियाणा के मुख्य सचिव (एचआरडी) होंगे। यह बदलाव अनुकंपा नियुक्तियों को और पारदर्शी और तेज बनाने में मदद करेगा, जिससे जरूरतमंद परिवारों को समय पर सहायता मिल सकेगी।
हरियाणा का विजन: रोजगार और समावेशिता
ये फैसले हरियाणा सरकार की उस सोच को दर्शाते हैं, जो राज्य को रोजगार और उद्यमिता का केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सामाजिक-आर्थिक मानदंड हटाने और प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने से युवाओं को नई दिशा मिलेगी। वहीं, जुर्माने हटाने और उम्र सीमा बढ़ाने जैसे कदम कर्मचारियों के हित में हैं। ये बदलाव न केवल आर्थिक विकास को गति देंगे, बल्कि सामाजिक समावेशिता को भी बढ़ावा देंगे।











