Haryana hate speech cases Nuh Gurugram and Yamunanagar have the highest number of cases: हरियाणा में पिछले कुछ समय में खासकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे जिलों में सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को खराब करने वाले स्पीच के मामलों में व्यापक पैमाने पर जफा हुआ है। प्रदेश में हेट स्पीच (नफरती बयानबाजी) के करीब 300 मामले पिछले दस वर्षों में सामने आए हैं।
इस मामले में मुस्लिम आबादी बाहुल्य नूंह और गुरुग्राम जिला सबसे आगे हैं, और हालात यह रहे की साल 2023 में नफरत भरी बयान बाजी के चलते नुहू जिले में दंगे हो गए थे और मामला सुप्रीम कोर्ट में सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा था। येमामला इतना गंभीर हो गया था कि विधानसभा में भी मामले को लेकर जमकर सभी दलों के कई विधायकों ने जमकर बयान बाजी की।
Haryana hate speech cases: इन जिलों में हेट स्पीच के सबसे ज्यादा मामले
नूंह में 46 और गुरुग्राम में हेट स्पीच के 40 मामले दस वर्षों में दर्ज हुए हैं तो वहीं सिरसा, डबवाली (पुलिस जिला), चरखी दादरी और जीआरपी (रेलवे पुलिस) इस मामले में सबसे बेहतर है। यहां नफरत फैलाने वाले भाषणों का कोई मामला इस अवधि में दर्ज नहीं हुआ।
हेट स्पीच के मामलों में पुलिस ने 472 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इतना ही नहीं, 502 सोशल मीडिया हेंडल को इंटरनेट से हटाया गया। गौरतलब है कि गत विधानसभा सत्र में सदन में यह रिपोर्ट रखी गई। यहां बता दें कि साल 2023 में नूंह में हिंसा भी हुई थी। यह हिंसा भी हेट स्पीच की वजह से घटी। इस मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार भी किया।
मेवात, गुरुग्राम और यमुनानगर सबसे संवेदनशील जिले
हते स्पीच के लिए हाथ से प्रदेश की तीन जिले मेवात गुरुग्राम और यमुनानगर सबसे संवेदनशील है जहां अत्यधिक सतर्कता बढ़ते जाने की जरूरत है। मेवात में सबसे ज्यादा 46 मामले।रिपोर्ट होने के चलते हरियाणा का सबसे प्रभावित जिला जहां तत्काल सख्त कदम जरूरी।
साथ लगते गुरुग्राम जिले में दूसरे स्थान पर सबसे ज्यादा 40 केस आए और उच्च शहरी जनसंख्या का तेजी से बढ़ाना मुख्य कारण के रूप में सामने आ रहा है। इनके अलावा यमुनानगर जहां तीसरे स्थान पर सबसे ज्यादा 27 कैसे आए हैं, लगातार बढ़ते मामलों से चिंता की स्थिति।
रोहतक, फरीदाबाद पलवल और भिवानी मध्यम जोखिम वाले जिले
उपरोक्त के अलावा रोहतक फरीदाबाद भिवानी और झज्जर में 60 नियंत्रण में है लेकिन यहां पर भी पुलिस प्रशासन द्वारा सतर्कता बरते जाने की जरूरत है। रोहतक (24), फरीदाबाद (22), पलवल (19), भिवानी (14), झज्जर (11), हांसी (12) जिलों में मामले मध्यम स्तर पर, लेकिन अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। इनके फतेहाबाद (2) करनाल (4), कुरुक्षेत्र (5), पंचकूला (5), सोनीपत (6), पानीपत (7), अंबाला (8), हिसार (9), जींद (9), कैथल (10), नारनौल (10) में अभी मामले कम हैं लेकिन सतर्क रहना जरूरी।
हेट स्पीच के चलते नूंह में हिंसा हुई, मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था
गौरतला विकी 31 अगस्त 2023 को घाना भारी बयान बाजी के चलते नूंह जिले में व्यापक पैमाने पर हिंसा भड़क गई थी और कई लोगों की मौत हो गई थी।।यह हिंसा उस वक्त भड़की जब विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता भगवा यात्रा निकाल रहे थे। जैसे ही यात्रा नूंह झंडा पार्क पहुंची तो पथराव शुरू हो गया और कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया.
खबरों के मुताबिक ये पथराव और गोलीकांड मुस्लिम पक्ष के लोगों ने किया है, जिसके बाद हिंदू पक्ष के लोग भी भड़क उठे।दोनों समुदाय ने एक-दूसरे पर जमकर पत्थर चलाए. कई गाड़ियों तोड़फोड़ और आगजनी की. नूंह में इस भगवा यात्रा के दौरान हंगामा इतना बढ़ा कि पत्थर के साथ साथ गोली भी चली. इस पथराव में कई लोग घायल हो गए. नूंह हिंसा में दो होमगार्डस और एक नागरिक की मौत हो गई और 10 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए।
मामले को लेकर तब सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी जिस पर टिप्पणी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हरियाणा में हुई सांप्रदायिक हिंसा के खिलाफ हिंदू समूहों द्वारा आयोजित की जा रही रैलियों में किसी भी समुदाय के खिलाफ नफरत भरे भाषण न हों, यह देखना पुलिस की जिम्मेदारी है।
जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एसवीएन भट्टी की बेंच ने हिंसा, लूटपाट और आगजनी जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस या अर्धसैनिक बल तैनात करने का निर्देश भी दिए। जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच ने याचिकाकर्ताओं और सरकार को आपस में मिलकर समाधान पर विचार करने को कहा।













