चंडीगढ़ . खाड़ी देशों में बढ़ते युद्ध संकट के बीच गैस किल्लत से जूझ रहे हरियाणावासियों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। एलपीजी की कमी को देखते हुए प्रदेश को 8.76 लाख लीटर अतिरिक्त मिट्टी का तेल (केरोसिन) जारी किया गया है। इसका वितरण सरकारी राशन डिपो के जरिए मुख्य रूप से गरीब और बीपीएल परिवारों को किया जाएगा।
इसके चलते हिसार, रोहतक, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे जिलों में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की भारी भीड़ जुट रही है। हालात को काबू में करने के लिए केंद्र सरकार ने मोर्चा संभालते हुए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के जरिए आम जनता को अतिरिक्त केरोसिन (मिट्टी का तेल) बांटने का बड़ा फैसला लिया है।
राशन डिपो पर मिलेगा मिट्टी का तेल
एलपीजी गैस बुकिंग के नए नियम लागू होने के बाद आम आदमी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब घरेलू उपभोक्ताओं को दूसरा गैस सिलेंडर 25 दिन बाद ही मिल पा रहा है। अंबाला और फरीदाबाद समेत प्रदेश के ज्यादातर बड़े शहरों में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई भी फिलहाल पूरी तरह रोक दी गई है। इसी अफरातफरी और संकट के बीच केंद्र सरकार ने हरियाणा के लिए 8.76 लाख लीटर अतिरिक्त केरोसिन तेल का कोटा तुरंत प्रभाव से जारी कर दिया है। राज्य का खाद्य एवं आपूर्ति विभाग अब इसे आम जनता तक पहुंचाने का पूरा रोडमैप तैयार कर रहा है।
बीपीएल परिवारों को मिलेगी पहली प्राथमिकता
प्रशासनिक स्तर पर तय किया गया है कि केरोसिन तेल के वितरण में मुख्य रूप से गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाले राशन कार्ड धारकों को आगे रखा जाएगा। ग्रामीण अंचलों में रहने वाले करीब 1.60 लाख बीपीएल परिवारों को इसका सीधा और सबसे पहले फायदा पहुंचेगा। इस मिट्टी के तेल का वितरण गांव के सरकारी राशन डिपो या फिर सीधे तेल कंपनियों के चुनिंदा रिटेल आउटलेट के माध्यम से किया जाएगा। वितरण का पूरा तरीका और आम आदमी की पात्रता तय करने का सीधा अधिकार राज्य सरकार के पास ही रहेगा।
मिलावट करने वालों पर गिरेगी कानूनी गाज
केंद्र सरकार ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि इस मिट्टी के तेल का इस्तेमाल सिर्फ घरों में खाना पकाने और रोशनी करने के लिए ही किया जा सकता है। अगर किसी डिपो होल्डर या व्यक्ति ने इसे पेट्रोल-डीजल में मिलाने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। राज्य सरकार को आवंटित किया गया यह पूरा स्टॉक हर हाल में 45 दिनों के भीतर उठाना अनिवार्य है। तय समय पर उठान न होने की स्थिति में बचा हुआ स्टॉक सीधा रिजर्व में डाल दिया जाएगा।
अफवाह फैलाने वालों पर 24 घंटे निगरानी
बाजार में गैस किल्लत का डर दिखाकर कुछ लोग मुनाफाखोरी करने की कोशिश में जुटे हैं। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि एलपीजी संकट की आड़ में झूठी अफवाह फैलाने वालों की प्रशासन स्तर पर शिनाख्त की जा रही है। खाद्य आपूर्ति विभाग के आला अधिकारी गैस और तेल की मांग व सप्लाई के बीच सही तालमेल बनाए रखने के लिए चौबीसों घंटे पैनी नजर रखे हुए हैं।
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