ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Haryana MIS Portal: 8 महीने से बंद MIS पोर्टल, योजनाओं और एडमिशन की प्रक्रिया ठप

On: December 1, 2025 8:56 AM
Follow Us:
Haryana MIS Portal: 8 महीने से बंद MIS पोर्टल, योजनाओं और एडमिशन की प्रक्रिया ठप
Join WhatsApp Group

Haryana MIS Portal: हरियाणा के 2808 प्राइवेट स्कूलों का MIS पोर्टल 8 महीने से बंद होने के कारण एडमिशन, रिकॉर्ड अपडेट और सरकारी योजनाओं की प्रक्रियाएं रुक गई हैं। स्कूल संघ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पोर्टल खोलने और जुर्माना रद्द करने की मांग की है।

हरियाणा में हजारों बच्चों की पढ़ाई और स्कूलों की प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ा है। राज्य के करीब 2808 प्राइवेट स्कूलों का MIS (मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम) पोर्टल पिछले आठ महीनों से बंद है। इस वजह से स्कूल न तो ऑनलाइन एडमिशन कर पा रहे हैं, न रिकॉर्ड अपडेट कर पा रहे हैं, और न ही सरकारी योजनाओं से जुड़े दस्तावेज जमा कर पा रहे हैं।

यह मामला अब तूल पकड़ चुका है और स्कूल प्रबंधन से लेकर शिक्षा विशेषज्ञ तक इसे “शिक्षा प्रणाली की सबसे गंभीर तकनीकी गड़बड़ियों में से एक” बता रहे हैं।

क्या है MIS पोर्टल और क्यों जरूरी है यह? Haryana MIS Portal

हरियाणा शिक्षा विभाग का MIS पोर्टल निजी और सरकारी स्कूलों के लिए एक केंद्रीय प्लेटफॉर्म की तरह काम करता है।
इसके जरिए स्कूलों को—

RTE सीट रिपोर्टिंग

छात्र रिकॉर्ड अपडेट

शिक्षकों के डेटा का प्रबंधन

एडमिशन प्रक्रिया

योजनाओं का ऑनलाइन सत्यापन

जैसे काम करने होते हैं।

छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी, हरियाणा रोडवेज और इलेक्ट्रिक बसों में 150 KM तक का सफर बिल्कुल मुफ्त
छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी, हरियाणा रोडवेज और इलेक्ट्रिक बसों में 150 KM तक का सफर बिल्कुल मुफ्त

पोर्टल ठप होने का मतलब है कि पूरी प्रशासनिक मशीनरी जैसे रुक गई हो।

पोर्टल क्यों बंद हुआ? विभाग का तर्क बनाम स्कूलों की शिकायत

शिक्षा विभाग के सूत्र बताते हैं कि RTE सीटों की रिपोर्टिंग में देरी, गलत फॉर्मेटिंग और तकनीकी त्रुटियों के चलते कई स्कूलों की एंट्री सही तरीके से सबमिट नहीं हो पाई। इसी कारण विभाग ने पोर्टल एक्सेस बंद कर दिया।

लेकिन स्कूल प्रबंधन का कहना बिल्कुल उल्टा है।
हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के अध्यक्ष सत्यवान कुंडू का दावा है:

“हमने समय पर डेटा भरा था, लेकिन विभाग की तरफ से यह नहीं बताया गया कि फाइनल सबमिट हुआ या नहीं। अचानक पोर्टल बंद कर देना और फिर 30,000 से 1,00,000 रुपये तक जुर्माना भेज देना अनुचित है।”

स्कूलों का कहना है कि यदि त्रुटि थी तो उसे सुधारने का मौका मिलना चाहिए था।

जुर्माने से स्कूलों में नाराज़गी

कई स्कूलों को 30 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक के दंड नोटिस भेजे गए हैं।
स्कूल संचालक इसे “एकतरफा निर्णय” बताते हुए सरकार से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर पोर्टल बंद होने और जुर्माना लगाने का सीधा असर छात्रों पर पड़ता है—

RTE के तहत दाखिले अटक जाते हैं

सरकारी सहायता समय पर नहीं मिलती

सोनीपत-बरेली 300 किमी का सफर अब होगा आसान, हरियाणा रोडवेज सीधे यूपी के लिए चलाएगा बसें
सोनीपत-बरेली 300 किमी का सफर अब होगा आसान, हरियाणा रोडवेज सीधे यूपी के लिए चलाएगा बसें

स्कूल फीस रिकवरी और बजट संतुलन बिगड़ जाता है

कार्यवाही का डर छोटे स्कूलों को बंद होने की कगार पर ला सकता है

प्राइवेट स्कूल संघ की 7 प्रमुख मांगें

संघ ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को लिखे पत्र में कई मांगें रखी हैं। महत्वपूर्ण बिंदु इस प्रकार हैं:

1. MIS पोर्टल तुरंत दोबारा चालू किया जाए
ताकि रुकी हुई प्रक्रियाएं शुरू हो सकें।

2. सभी जुर्माने रद्द किए जाएं
स्कूल कहते हैं कि बिना गलती सुधारने का मौका दिए दंड ठीक नहीं।

3. RTE, चिराग और 134-A योजनाओं का बकाया समय पर मिले
स्कूलों के अनुसार लंबित भुगतान उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर कर रहे हैं।

4. गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों को ‘वन रूम वन क्लास’ मॉडल पर मान्यता दी जाए
5. 2007 से पहले स्थापित अस्थायी स्कूलों को स्थायी मान्यता देने की मांग
6. स्वच्छता और फायर सुरक्षा प्रमाणपत्र की वैधता 3 साल की जाए
स्कूलों का कहना है कि हर साल नवीनीकरण में समय और खर्च दोनों बढ़ते हैं।

7. स्कूल बस टैक्स, प्रॉपर्टी टैक्स और कई अन्य शुल्क हटाए जाएं
ताकि शिक्षा सुलभ और किफायती बनी रहे।

मामले का व्यापक असर—क्यों चिंता बढ़ रही है?

शिक्षा नीति विशेषज्ञों के अनुसार यह सिर्फ तकनीकी मुद्दा नहीं है, बल्कि शिक्षा प्रबंधन की क्षमता पर सवाल है।

हरियाणा में घर-घर आकर बिजली विभाग खुद लगाएगा सोलर पैनल, अनिल विज का बड़ा ऐलान
हरियाणा में घर-घर आकर बिजली विभाग खुद लगाएगा सोलर पैनल, अनिल विज का बड़ा ऐलान

2800+ स्कूलों की प्रणाली ठप होना अभूतपूर्व स्थिति है

हजारों शिक्षक और लाखों विद्यार्थी इससे प्रभावित हैं

RTE और अन्य सरकारी योजनाओं में देरी से बच्चों का प्रवेश भी रुक सकता है

विशेषज्ञ डॉ. अनूप धवन कहते हैं:

“जब एक राज्य का पूरा MIS सिस्टम महीनों तक बंद रहे, तो यह प्रशासन और तकनीकी टीम दोनों की कार्यकुशलता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। इसका असर आने वाले वर्षों की शिक्षा गुणवत्ता पर भी पड़ेगा।”

राहुल शर्मा

राहुल शर्मा एक कुशल पत्रकार और लेखक हैं, जो पिछले 8 वर्षों से ब्रेकिंग न्यूज़, हरियाणा न्यूज़ और क्राइम से जुड़ी खबरों पर प्रभावशाली लेख लिख रहे हैं। उनकी खबरें तथ्यपूर्ण, गहन और तेज़ी से पाठकों तक पहुँचती हैं, जो हरियाणा और अन्य क्षेत्रों की महत्वपूर्ण घटनाओं को उजागर करती हैं। राहुल का लेखन शैली आकर्षक और विश्वसनीय है, जो पाठकों को जागरूक और सूचित रखता है। वे Haryananewspost.com और डिजिटल मंचों पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी स्टोरीज़ सामाजिक और आपराधिक मुद्दों पर गहरी छाप छोड़ती हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment