Haryana Namo Bharat Train: One track, two services, revolution in travel!: हरियाणा नमो भारत ट्रेन (Haryana Namo Bharat Train) हरियाणा वासियों के लिए खुशखबरी लाई है। दिल्ली के सराय रोहिल्ला से गुरुग्राम होते हुए राजस्थान के नीमराना तक यह ट्रेन चलेगी।
मेरठ की तर्ज पर तैयार यह प्रोजेक्ट खास है। भविष्य में इस ट्रैक पर मेट्रो (metro track) भी दौड़ेगी। हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी (Nayab Singh Saini) ने संशोधित डीपीआर को मंजूरी दी। उन्होंने आदेश दिया कि ट्रैक ऐसा हो, जो मेट्रो और नमो भारत दोनों को सपोर्ट करे। यह कदम सफर को आसान बनाएगा।
सीएम की बैठक और योजना Haryana Namo Bharat Train
मई 2025 के पहले हफ्ते में सीएम नायब सिंह सैनी (Nayab Singh Saini) की अध्यक्षता में बैठक हुई। हरियाणा सरकार और एनसीआरटीसी (NCRTC) के अधिकारी मौजूद थे।
सीएम ने मेरठ के आरआरटीएस मॉडल की तर्ज पर ट्रैक बनाने का निर्देश दिया। हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (HMRTC) ने इसे पत्र के जरिए लागू किया। ट्रैक ऐसा होगा कि भविष्य में मेट्रो (metro track) चलाने के लिए नया कॉरिडोर न बनाना पड़े। स्टेशन का डिजाइन भी इसी तरह होगा। हरियाणा नमो भारत ट्रेन (Haryana Namo Bharat Train) सफर में क्रांति लाएगी।
राजस्थान में डिपो की योजना
सीएम सैनी ने एक और अहम फैसला लिया। नमो भारत ट्रेन का डिपो राजस्थान में बनेगा। इसके लिए 70 हेक्टेयर जमीन (70 hectare land) राजस्थान सरकार से ली जाएगी।
ऐसा इसलिए, क्योंकि भविष्य में ट्रेन को जयपुर या अलवर तक ले जाने की योजना है। यह सोच दूरदर्शी है। डिपो का स्थान रणनीतिक होगा। इससे दिल्ली से राजस्थान का सफर (Delhi-Rajasthan travel) आसान होगा। हरियाणा नमो भारत ट्रेन (Haryana Namo Bharat Train) का यह प्रोजेक्ट क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा।
हरियाणा सरकार का योगदान
हरियाणा सरकार भी पीछे नहीं है। सीएम सैनी ने कहा कि 40 हेक्टेयर जमीन एनसीआरटीसी (NCRTC) को डिपो के लिए दी जा सकती है। शर्त यह है कि जमीन हरियाणा सरकार (Haryana government) के नाम रहेगी।
बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर डिपो चलेगा। ऊपरी हिस्से में व्यावसायिक गतिविधियां होंगी। यह मॉडल आर्थिक और व्यावहारिक है। गुरुग्राम-फरीदाबाद और नोएडा रूट (Gurugram-Faridabad route) को भी मंजूरी मिली। हरियाणा नमो भारत ट्रेन (Haryana Namo Bharat Train) का दायरा बढ़ेगा।
एक ट्रैक, दो समाधान
एनसीआरटीसी के प्रवक्ता पुनीत वत्स (Puneet Vats) ने खुलासा किया। मेरठ में आरआरटीएस कॉरिडोर (RRTS corridor) पर मेट्रो चल रही है। घनी आबादी वाले क्षेत्रों में यह सफल है।
हरियाणा में भी यही मॉडल अपनाया जाएगा। अलग कॉरिडोर की जरूरत नहीं पड़ेगी। मेट्रो स्टेशन कम दूरी पर होंगे। एक ही ट्रैक पर दोनों सेवाएं संभव हैं। हरियाणा नमो भारत ट्रेन (Haryana Namo Bharat Train) और मेट्रो से सफर तेज और सस्ता होगा। लोग अब इस बदलाव का इंतजार कर रहे हैं।













