Haryana News: हरियाणा के फरीदाबाद के पीएम श्री स्कूलों में अब छात्रों को व्यावसायिक शिक्षा, इंडस्ट्री विज़िट और स्किल ट्रेनिंग मिलेगी। जानें इस नई पहल के फायदे, बजट, कोर्स और छात्रों के भविष्य पर इसका असर।
फरीदाबाद से आने वाली एक अहम खबर छात्रों और अभिभावकों दोनों के लिए उत्साह बढ़ाने वाली है। जिले के पीएम श्री (प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया) स्कूलों में अब पारंपरिक पढ़ाई के साथ व्यावसायिक शिक्षा और स्किल-बेस्ड ट्रेनिंग शुरू करने की तैयारी तेज़ हो गई है।
यह कदम सीधे तौर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) की उस सोच से जुड़ा है, जिसमें स्कूल स्तर पर ही छात्रों को करियर-उन्मुख शिक्षा देने की बात कही गई है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल? Haryana News
आज नौकरी और व्यवसाय की दुनिया तेजी से बदल रही है। उद्योगों को ऐसे युवाओं की जरूरत है, जिनके पास सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि वास्तविक कौशल भी हो। यही वजह है कि हरियाणा प्रशासन अब स्कूलों में ही स्किल डेवलपमेंट कोर्सेज, इंडस्ट्री विज़िट और इंटर्नशिप जोड़ रहा है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव छात्रों को भविष्य की नौकरी बाज़ार के लिए तैयार करेगा और करियर चुनने में उन्हें शुरुआती बढ़त देगा।
फरीदाबाद के 6 पीएम श्री स्कूलों को मिला बजट
हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने इस पहल के लिए विशेष दिशा-निर्देश और बजट आवंटित किया है।
इन स्कूलों में पहले से चल रहे व्यावसायिक कोर्सेज़ का डेटा अब डिजिटल रूप से एकीकृत किया जाएगा।
कैसे काम करेगा नया सिस्टम?
कक्षा 9 से ही छात्रों की स्किल प्रोफाइल तैयार होगी।
इसमें शामिल होगा:
छात्र की व्यक्तिगत जानकारी
सीखे गए कौशल
इंडस्ट्री विज़िट का डेटा
इंटर्नशिप अनुभव
प्रोजेक्ट्स की तस्वीरें और रिपोर्ट
इस डिजिटल प्रोफाइल के आधार पर छात्र की प्रगति और रुचि के अनुसार आगे की योजना तय की जाएगी।
एक अधिकारी के अनुसार, “यह प्रोफाइल भविष्य में कॉलेज एडमिशन और करियर प्लानिंग में बेहद उपयोगी साबित होगी।”
उद्योग विशेषज्ञ देंगे मार्गदर्शन
छात्रों को सिर्फ सैद्धांतिक नहीं, बल्कि वास्तविक बाज़ार की जानकारी देने के लिए उद्योग विशेषज्ञों को स्कूलों से जोड़ा जा रहा है।
विशेषज्ञ रोजगार के मौजूदा रुझानों के बारे में बताएंगे
स्व-रोजगार और स्टार्टअप्स की संभावनाओं पर मार्गदर्शन देंगे
छात्रों की स्किल्स का मूल्यांकन भी करेंगे
प्रशासन ने प्रति विज़िट 1000 रुपये मानदेय निर्धारित किया है, ताकि बेहतर पेशेवरों को इस पहल से जोड़ा जा सके।
बढ़ईगीरी, इलेक्ट्रिकल वर्क और कंप्यूटर टेक्नोलॉजी होंगे प्रमुख कोर्स
नए पाठ्यक्रमों में ऐसे कौशल जोड़े गए हैं जिनकी इंडस्ट्री में सीधी मांग है। इनमें शामिल हैं:
बढ़ईगीरी (Carpentry)
बेसिक इलेक्ट्रिकल वर्क
कंप्यूटर टेक्नोलॉजी और डिजिटल टूल्स
हार्डवेयर रिपेयरिंग और नेटवर्किंग (विकल्प के रूप में जोड़ा जा सकता है)
करियर पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों के मुताबिक, इन कौशलों की मांग आने वाले दशक में कई गुना बढ़ने वाली है।
स्कूलों को पॉलिटेक्निक और आईटीआई से जोड़ा जाएगा
माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों को स्थानीय आईटीआई, पॉलिटेक्निक और इंडस्ट्री हब्स के साथ साझेदारी करने को कहा गया है।
इससे छात्रों को
लैब में काम करने का मौका
वास्तविक परियोजनाओं से जुड़ाव
तकनीकी ज्ञान का विस्तार
मिलेगा।
एक शिक्षा अधिकारी ने बताया, “जब बच्चा 14–15 साल की उम्र में ही मशीन, तकनीक और उद्योग की भाषा समझने लगता है, तो उसका आत्मविश्वास बढ़ता है और करियर विकल्प भी स्पष्ट होते हैं।”
युवा भविष्य के लिए बड़ा सकारात्मक कदम
यह पूरी पहल इस दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है कि हर छात्र—चाहे वह पढ़ाई, तकनीक या व्यवसाय में रुचि रखता हो—उसे अपनी क्षमता के अनुसार अवसर मिलें।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह मॉडल आने वाले समय में पूरे हरियाणा के स्कूलों के लिए रोल मॉडल बन सकता है।













