ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

हरियाणा के गांवों में ग्राम सभा हुई पावरफुल, निजी प्रोजेक्ट्स को रास्ता देने के लिए बदले कड़े नियम

On: March 24, 2026 7:46 PM
Follow Us:
हरियाणा के गांवों में ग्राम सभा हुई पावरफुल, निजी प्रोजेक्ट्स को रास्ता देने के लिए बदले कड़े नियम
Join WhatsApp Group

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार ने ग्रामीण हितों की रक्षा के लिए एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। हरियाणा की ग्राम पंचायतों की शामलात (साझा) भूमि पर अब कोई भी निजी कंपनी या व्यक्ति अपनी मर्जी से रास्ता नहीं बना पाएगा। नई व्यवस्था के तहत, किसी भी प्राइवेट प्रोजेक्ट को रास्ता देने के लिए ग्राम पंचायत के 75% सदस्यों और ग्राम सभा के दो-तिहाई सदस्यों की लिखित मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार का यह फैसला सीधे तौर पर उन भू-माफियाओं और बिल्डरों पर लगाम कसेगा जो सांठगांठ करके गांव की कीमती जमीन का इस्तेमाल अपने निजी फायदे के लिए करते थे।

पानीपत की सनौली खुर्द पंचायत ने पेश की मिसाल

इस नई नीति के बीच पानीपत जिले के सनौली खुर्द से एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव सामने आया है। सनौली खुर्द ग्राम पंचायत ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के निर्माण के लिए जमीन की अदला-बदली का खाका प्रदेश सरकार को भेजा है। पंचायत अपनी 9 कनाल 3 मरला जमीन के बदले संबंधित कंपनी की 15 कनाल जमीन लेने को तैयार है। इस जमीन की मौजूदा बाजार कीमत करीब 4 करोड़ 57 लाख रुपये आंकी गई है। यहाँ भविष्य में कंक्रीट टैंक का निर्माण किया जाना है, जिससे गांव की स्वच्छता व्यवस्था में सुधार होगा और पंचायत की संपत्ति में भी इजाफा होगा।

अंबाला कलेक्टर रेट 2026: आज से जमीन की रजिस्ट्री हुई 75% तक महंगी, देखें अपने सेक्टर की नई लिस्ट
अंबाला कलेक्टर रेट 2026: आज से जमीन की रजिस्ट्री हुई 75% तक महंगी, देखें अपने सेक्टर की नई लिस्ट

जमीन का मालिकाना हक रहेगा सुरक्षित

हरियाणा सरकार ने साफ कर दिया है कि रास्ता देने के नाम पर जमीन का सौदा नहीं होगा। नियम स्पष्ट हैं कि जमीन न तो बेची जाएगी और न ही इसे लोन के लिए कोलैटरल के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा। जमीन का वास्तविक स्वामित्व हमेशा ग्राम पंचायत के पास ही रहेगा। इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब प्राइवेट प्रोजेक्ट्स के रास्तों का इस्तेमाल आम ग्रामीण भी कर सकेंगे। इससे न केवल गांवों में विकास के नए रास्ते खुलेंगे, बल्कि पंचायत फंड में भी पारदर्शिता आएगी।

ग्राम सभा की मजबूती और बिचौलियों का अंत

सरकार के इस रुख से गांवों में ग्राम सभा की ताकत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है। अब सरपंच या चंद रसूखदार लोग अकेले फैसला नहीं ले पाएंगे। जब तक गांव के अधिकांश लोग सहमत नहीं होंगे, तब तक शामलात भूमि पर कोई हलचल नहीं होगी। जानकारों का मानना है कि इससे ग्रामीण इलाकों में होने वाले कानूनी विवादों में कमी आएगी। किसानों और ग्रामीणों का अपनी शामलात भूमि पर भरोसा बढ़ेगा क्योंकि अब हर फैसला उनकी नजरों के सामने और उनकी सहमति से लिया जाएगा।

हरियाणा में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू: ₹2,585 के रिकॉर्ड रेट और बायोमेट्रिक सुरक्षा के साथ मंडियां तैयार
हरियाणा में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू: ₹2,585 के रिकॉर्ड रेट और बायोमेट्रिक सुरक्षा के साथ मंडियां तैयार

कैथल मंडी में सरसों ने तोड़े रिकॉर्ड: MSP से 500 रुपये ज्यादा मिल रहे दाम, किसान गदगद

ज़मीनी हकीकत, ब्रेकिंग न्यूज़ और जिलेवार अपडेट के लिए Haryana News Post से जुड़े रहें।

हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में अब नहीं चलेगी बाहर की पर्ची, सीएम नायब सैनी का कड़ा रुख
हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में अब नहीं चलेगी बाहर की पर्ची, सीएम नायब सैनी का कड़ा रुख

अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment