Haryana scheme: हरियाणा सरकार की नई दयालु योजना के तहत अब आवारा पशुओं की वजह से सड़क हादसों में मौत या गंभीर दिव्यांगता पर जरूरतमंद परिवारों को 5 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता मिलेगी.
हरियाणा सरकार की नई राहत योजना Haryana scheme
फरीदाबाद से बड़ी खबर सामने आई है. हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना 2 लागू कर दी है. इस स्कीम के तहत आवारा गाय, भैंस, कुत्ता, नीलगाय, जंगली या पालतू जानवरों के कारण हुए हादसों में घायल, दिव्यांग या मृत व्यक्तियों के परिवारों को आर्थिक मदद दी जाएगी. यह सहायता फैमिली आईडी के आधार पर मिलेगी.
किन्हें मिलेगा योजना का लाभ
एडीसी सतबीर सिंह मान ने बताया कि इस योजना का फायदा सिर्फ उन्हें मिलेगा जिनकी घटना 5 सितंबर 2025 की अधिसूचना के बाद हुई है. परिवार की सालाना आय 1.80 लाख रुपए से कम होने पर ही इस योजना के तहत क्लेम किया जा सकेगा. ऐसे परिवार दयालु 1 और दयालु 2 दोनों योजनाओं में आवेदन कर सकते हैं.
उन्होंने यह भी साफ किया कि कुत्ते के काटने पर आर्थिक सहायता तभी मिलेगी जब घटना सार्वजनिक जगह पर हुई हो और पीड़ित ने जानवर को उकसाया न हो.
मौत या दिव्यांगता पर कितनी सहायता राशि
एडीसी के अनुसार मौत या 70 प्रतिशत से ज्यादा दिव्यांगता होने पर उम्र के आधार पर सहायता राशि दी जाएगी
12 साल से कम वालों को 1 लाख
18 साल से कम को 2 लाख
25 साल से कम को 3 लाख
45 साल से कम वालों को 5 लाख
45 साल से अधिक उम्र वालों को 3 लाख रुपए मिलेंगे
70 प्रतिशत से कम दिव्यांगता की स्थिति में कानूनी प्रावधानों और उम्र पर सहायता राशि तय होगी.
90 दिनों में करें आवेदन
इस योजना का लाभ लेने के लिए घटना के 90 दिनों के भीतर पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन जरूरी है. इसके लिए FIR की कॉपी, DDR, मेडिकल रिपोर्ट, अस्पताल के दस्तावेज और फोटो जमा करने होंगे.
सहायता की रकम DBT के माध्यम से फैमिली आईडी से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाएगी. गलत जानकारी देने पर पूरी राशि 12 प्रतिशत ब्याज सहित वापस वसूली जाएगी.
कमेटी लेगी अंतिम फैसला
जिला स्तर की एक कमेटी आवेदन की जांच कर 120 दिनों में निर्णय लेगी. इस कमेटी में उपायुक्त, एसपी, एसडीएम, डीटीओ, सीएमओ और जिला सांख्यिकी अधिकारी शामिल होंगे.
नाम फाइनल होने के 6 सप्ताह के भीतर सहायता राशि जारी कर दी जाएगी.
डिविजनल कमिश्नर और फैमिली सिक्योरिटी ट्रस्ट के सीईओ शिकायतों की सुनवाई करेंगे और 30 दिनों में समाधान किया जाएगा.













