भिवानी. हरियाणा के सरकारी और मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थियों के लिए शिक्षा विभाग ने घंटी बजा दी है। शिक्षा निदेशालय ने शैक्षणिक सत्र 2025 से 26 के लिए कक्षा पहली से लेकर आठवीं तक की वार्षिक परीक्षाओं का पूरा कार्यक्रम घोषित कर दिया है। विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार मार्च के महीने में वार्षिक परीक्षाएं संपन्न कराई जाएंगी। इतना ही नहीं जो छात्र किसी कारणवश इन परीक्षाओं में पीछे रह जाएंगे उन्हें अप्रैल और मई में दोबारा परीक्षा देने का अवसर भी मिलेगा।
वार्षिक परीक्षाओं का पूरा टाइम टेबल
शिक्षा निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षाओं की तैयारी समय रहते पूरी कर ली जाए। जारी किए गए शेड्यूल के मुताबिक परीक्षाओं का समय सुबह 8 बजकर 30 मिनट से शुरू होकर 11 बजे तक रहेगा।
कक्षाओं के अनुसार परीक्षा की तिथियां
कक्षा पहली से 5वीं तक: इन नन्हे मुन्नों की परीक्षाएं 13 मार्च से शुरू होंगी और 18 मार्च तक चलेंगी।
कक्षा छठी से 8वीं तक: सीनियर छात्रों की परीक्षाएं 11 मार्च से आरंभ होकर 18 मार्च तक आयोजित की जाएंगी।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि भाषा और कुछ अन्य विषयों के लिए छात्रों को दो घंटे का समय दिया जाएगा जबकि मुख्य विषयों के लिए ढाई घंटे का समय मिलेगा।
नई शिक्षा नीति का दिखेगा असर
इस बार की परीक्षाओं में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 यानी एनईपी का प्रभाव साफ देखने को मिलेगा। पहले जहां फेल होने पर छात्रों का साल खराब हो जाता था वहीं अब पूरक परीक्षाओं यानी सप्लीमेंट्री एग्जाम का प्रावधान किया गया है।
यह उन छात्रों के लिए एक सुनहरा मौका है जो वार्षिक परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं हो पाते या अपने नंबरों से संतुष्ट नहीं हैं। यह व्यवस्था बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने और ड्रॉपआउट रेट कम करने के उद्देश्य से की गई है।
पूरक परीक्षाओं का शेड्यूल अगर कोई छात्र मार्च की परीक्षा में सफल नहीं होता है तो उसके लिए 20 अप्रैल से पूरक परीक्षाएं शुरू होंगी।
कक्षा 1 से 5: इनकी परीक्षाएं 20 अप्रैल से 25 अप्रैल तक चलेंगी।
कक्षा 6 से 8: इनकी परीक्षाएं 20 अप्रैल से शुरू होकर 1 मई तक चलेंगी।
एससीईआरटी तय करेगा प्रश्न पत्र का स्तर
परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रश्न पत्र तैयार करने की जिम्मेदारी एससीईआरटी को सौंपी गई है। इसका मतलब है कि पूरे राज्य में पेपर का स्तर एक समान होगा।
विशेष रूप से कक्षा पहली से पांचवीं तक के बच्चों का मूल्यांकन एफएलएन यानी मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता के आधार पर होगा। इसका अर्थ है कि रट्टू तोता बनाने के बजाय बच्चों की समझ और बुनियादी ज्ञान को परखा जाएगा। परीक्षाओं का खर्चा और अन्य इंतजाम स्कूल स्तर पर उपलब्ध विभिन्न फंड्स जैसे सीसीडब्ल्यूएफ या परीक्षा फंड से किया जाएगा।
अभिभावकों और शिक्षकों के लिए निर्देश
शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूल मुखियों को आदेश दिया है कि डेटशीट जारी होने के साथ ही बच्चों का सिलेबस दोहराना शुरू कर दें। अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों की तैयारी पर ध्यान दें क्योंकि अब परीक्षाओं में एक महीने से भी कम का समय बचा है।












