हरियाणा सरकार ने अस्थाई कर्मचारियों को जॉब सिक्योरिटी देने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 जनवरी कर दी है। सरकार वेतन सीमा और दायरा बढ़ाने पर भी विचार कर रही है।
चंडीगढ़. हरियाणा में लंबे समय से अपनी नौकरी को पक्का करवाने की राह देख रहे हजारों अस्थाई कर्मचारियों के लिए बहुत ही राहत भरी खबर है। नायब सिंह सैनी सरकार ने अपने वादे को निभाते हुए कच्चे कर्मचारियों को रिटायरमेंट की उम्र तक नौकरी की सुरक्षा यानी जॉब सिक्योरिटी देने का रास्ता साफ कर दिया है।
इसके लिए सरकार ने सर्विस सिक्योरिटी पोर्टल पर आवेदन करने की समय सीमा को बढ़ा दिया है। अब पात्र कर्मचारी 31 जनवरी तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सरकार के इस कदम से कर्मचारियों के सिर से छंटनी की तलवार हमेशा के लिए हट गई है।
वेतन सीमा और दायरे में हो सकता है बदलाव
सूत्रों के मुताबिक सरकार केवल मौजूदा पॉलिसी तक ही सीमित नहीं रहना चाहती। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उनके मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर इस योजना का दायरा और बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। अभी तक इस योजना में 50 हजार रुपये मासिक वेतन तक पाने वाले कर्मचारियों को शामिल किया गया है।

चर्चा है कि इस वेतन सीमा को बढ़ाया जा सकता है ताकि और अधिक कर्मचारी इसके दायरे में आ सकें। इसके अलावा उन सरकारी संस्थाओं, बोर्ड और निगमों के कर्मचारियों को भी इसमें शामिल करने पर विचार चल रहा है जो किसी तकनीकी कारण से सर्विस सिक्योरिटी एक्ट से बाहर रह गए थे। हालांकि इन दोनों अहम फैसलों पर अंतिम मुहर लगने में अभी थोड़ा वक्त लग सकता है।
1 लाख 20 हजार परिवारों को मिला सहारा
विधानसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले नायब सैनी सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए 5 साल या उससे अधिक सेवा पूरी कर चुके अस्थाई कर्मचारियों को जॉब सिक्योरिटी देने का कानून बनाया था। सरकार के अनुमान के मुताबिक इस फैसले से प्रदेश के लगभग 1 लाख 20 हजार कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा की लगातार तीसरी बार सरकार बनने के पीछे इस मास्टरस्ट्रोक का बड़ा हाथ रहा है। कर्मचारियों को मिली इस सुरक्षा ने वोट बैंक को साधने में अहम भूमिका निभाई।
राजेश खुल्लर ने दिखाई तेजी
इस पूरी योजना को धरातल पर उतारने में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर की भूमिका बेहद अहम रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री की सोच को अमलीजामा पहनाने में जरा भी देरी नहीं की। कैबिनेट मीटिंग में अध्यादेश पारित करवाने से लेकर 15 अगस्त 2024 को इसे अधिसूचित करवाने तक की प्रक्रिया रिकॉर्ड समय में पूरी की गई।
इसके बाद विधानसभा में विधेयक पास हुआ और राज्यपाल की मंजूरी मिलते ही यह एक पक्का कानून बन गया। अब कोई भी सरकार इन कर्मचारियों को आसानी से नौकरी से नहीं निकाल सकेगी।
पोर्टल पर आवेदन प्रक्रिया जारी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन कर्मचारियों ने अभी तक सर्विस सिक्योरिटी पोर्टल पर अपना डेटा अपडेट या आवेदन नहीं किया है वे 31 जनवरी तक यह काम जरूर पूरा कर लें। यह पोर्टल विशेष रूप से इसी उद्देश्य के लिए तैयार किया गया है। विभागों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीन आने वाले पात्र कर्मचारियों का विवरण समय रहते सत्यापित करें।
कर्मचारियों के लिए क्या बदला
पहले कच्चे कर्मचारियों को हर साल कॉन्ट्रैक्ट रिन्यू होने का डर सताता रहता था। लेकिन इस नए कानून के तहत अब वे 58 या 60 साल की उम्र तक अपनी सेवाएं दे सकेंगे। उन्हें पक्के कर्मचारियों की तरह ही जॉब सिक्योरिटी मिलेगी। यह न केवल उनके वर्तमान को सुरक्षित करता है बल्कि उनके भविष्य की चिंता को भी दूर करता है।













