Hisar News IMC will be built near Maharaja Agrasen Airport: हरियाणा के हिसार में औद्योगिक विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट के पास 3 हजार एकड़ में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी) बनने जा रहा है। यह परियोजना न केवल हिसार, बल्कि पूरे हरियाणा को आर्थिक और रोजगार के नए अवसर देगी। आइए, इस महत्वाकांक्षी योजना को करीब से समझते हैं।
Hisar News: हिसार का नया औद्योगिक केंद्र
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हाल ही में हुई एक अहम बैठक में हिसार के महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट के नजदीक 2988 एकड़ में आईएमसी स्थापित करने का फैसला लिया गया। यह परियोजना हरियाणा सरकार और नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एनआईसीडीसी) के सहयोग से विकसित होगी। 4680 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह क्लस्टर दो चरणों में तैयार होगा। हिसार का यह आईएमसी अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का हिस्सा है, जिसमें सात राज्यों के छह शहरों में ऐसी टाउनशिप बनेंगी। लेकिन हिसार का प्रोजेक्ट अपने आकार और महत्व के कारण सबसे खास है।
32 हजार करोड़ का निवेश, 10 हजार नौकरियां
इस आईएमसी से हिसार में औद्योगिक क्रांति की उम्मीद है। अनुमान है कि इससे 32 हजार करोड़ रुपये का निवेश आएगा, जिससे 10 हजार से ज्यादा नौकरियां पैदा होंगी। यह क्लस्टर सड़कों, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (एसटीपी), और अन्य आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल्द ही एनआईसीडीसी के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएं, ताकि परियोजना को गति मिले। यह प्रोजेक्ट हिसार को भारत के औद्योगिक नक्शे पर एक नया मुकाम देगा।
एयरपोर्ट से मिलेगी ताकत
महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट का होना इस आईएमसी के लिए सबसे बड़ा फायदा है। 7200 एकड़ में फैले इस क्षेत्र में 4212 एकड़ पर एयरपोर्ट पहले से मौजूद है, और अब 2988 एकड़ पर आईएमसी बनेगा। एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी उद्योगों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ेगी। चाहे कच्चा माल हो या तैयार माल, एयरपोर्ट की सुविधा से सब कुछ तेज और आसान होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रोजेक्ट में देशी-विदेशी कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित किया जाएगा, जिससे हिसार एक ग्लोबल हब बनेगा।
हरियाणा को दोहरी ताकत
हिसार का आईएमसी ही नहीं, हरियाणा को एक और बड़ा तोहफा मिलने जा रहा है। एनआईसीडीसी दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत नांगल चौधरी में 886 एकड़ पर मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक हब बना रहा है। इस तरह, हरियाणा को दो बड़े इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का फायदा मिलेगा। ये परियोजनाएं न केवल निवेश लाएंगी, बल्कि हजारों युवाओं को रोजगार भी देंगी। मुख्यमंत्री ने इसे ‘विकसित भारत’ के सपने का हिस्सा बताया और कहा कि हरियाणा में 10 और औद्योगिक टाउनशिप (आईएमटी) बनाने का लक्ष्य है।
हिसार का उज्ज्वल भविष्य
हिसार का यह आईएमसी न सिर्फ औद्योगिक विकास को गति देगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी नई संभावनाएं खोलेगा। रोजगार के नए अवसर, बेहतर बुनियादी ढांचा, और वैश्विक कनेक्टिविटी हिसार को हरियाणा का एक चमकता सितारा बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तेजी से काम करने के निर्देश दिए हैं, ताकि यह प्रोजेक्ट जल्द धरातल पर उतरे। हिसार अब सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि भारत के औद्योगिक भविष्य का प्रतीक बनने की राह पर है।












