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Haryana: हरियाणा में 5 साल में नशे की आदि मरीजों की ओपीडी चार गुना से ज्यादा हुई

On: April 14, 2025 8:08 PM
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Haryana: हरियाणा में 5 साल में नशे की आदि मरीजों की ओपीडी चार गुना से ज्यादा हुई
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In Haryana the OPD of drug addicts has quadrupled in 5 years: जित दूध दही का खाणा, वह मेरा हरियाणा के नाम से पहचान बनाने वाले प्रदेश की आज की तस्वीर काफी डरावनी है। हरियाणा में नशे का अभिशाप तेजी की तरह फैलने के चलते नशे से युवा मौत का शिकार हो रहे है तो घर के घर बरबाद हो रहे हैं।

नशा पंजाब यूपी, दिल्ली और राजस्थान के साथ लगते हरियाणा के जिलों और इलाकों में अधिक प्रभावी है। हरियाणा के कई जिले जो पंजाब, यूपी और हिमाचल प्रदेश से सटे हुए हैं उनमें नशे की मार अन्य जिलों की तुलना में कहीं ज्यादा है। हिसार, सिरसा, पंचकूला, भिवानी-महेंद्रगढ़, अंबाला और कुरुक्षेत्र आदि इससे ज्यादा पैमाने पर प्रभावित है, इसी प्रकार उत्तर प्रदेश के साथ लगते करनाल, सोनीपत, फरीदाबाद व गुरुग्राम लोकसभा क्षेत्रों में भी नशीले पदार्थ काफी बिक रहे हैं। इस संबंध में विभाग के अधिकारी ने बताया कि ओपीडी में आने वाले नशे के आदि मरीजों का आंकड़ा कहीं ज्यादा हो सकता है।

आधा दर्जन से ज्यादा जिलों में नशे का आतंक

आंकड़े इस बात की तस्दीक कर रहे हैं। प्रदेश के कुल 22 जिलों में एक दर्जन से ज्यादा जिले बुरी तरह से नशे की चपेट में हैं और ये जिले नशे के हॉट स्पाट बन चुके हैं। कई जिलों के विधायक लगातार सदन में मामले को लेकर यह कहते हुए आवाज उठा रहे हैं कि अगर समय रहते नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो बड़ा सिंडिकेट खड़ा हो जाएगा जो नई पीढ़ी को बर्बाद कर देगा।

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पंजाब को ‘उड़ता पंजाब’ के नाम से जाना जाने लगा और अब हरियाणा प्रदेश को नशे में ‘उड़ता हरियाणा’ में तब्दील होता प्रतीत हो रहा है। ‘नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो’ के अनुसार कि प्रदेश के 22 में से एक दर्जन से ज्यादा जिले नशे की भयानक चपेट में हैं। विदेशों से नशा हरियाणा और एनसीआर क्षेत्र में पहुंच रहा है।

प्रदेश के केवल उपरोक्त जिले ही नहीं पूरा प्रदेश लगातार नशे में नशे का गवाह बन रहा है l सिरसा जिला में नशे की ओवरडोज से एक के बाद एक युवाओं की मौत हो रही है। शहरों के साथ अब गांवों में भी सिंथेटिक नशा पहुंच गया है। ये भी बता दें कि प्रदेश के नशा मुक्ति केंद्रों के जाकर उतने अच्छे नहीं है और प्रदेश में मनोचिकित्सकों की संख्या भी कम है।

साल दर साल बढ़ रही है नशा करने वालों की ओपीडी

नशा करने वालों में युवाओं के साथ महिलाओं की भी तादाद बढ़ी है। नशा करने वालों की ओपीडी साल दर साल बढ़ रही है। 2021 में लगभग 11395 नशा करने वाले लोग ओपीडी में पहुंचे थे। इसमें महिलाएं थीं। 2022 और 2023 में नशे के जाल में फंसने वालों की संख्या लगातार बढ़ी है। साल 2024 में नशा करने वालों की ओपीडी बढ़कर 24968 हो गई, इस लिहाज से ड्रग एडिक्ट की ओपीडी दोगुनी हो गई।

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साल 2023 में ओपीडी में 45000 से भी ज्यादा नशेड़ी इलाज करवाने पहुंचे। इसके बाद साल 2024 में 50429 लोगों ने से इलाज के लिए ओपीडी रजिस्ट्रेशन करवाया। इसके बाद साल 2025 में इलाज के लिए ओपीडी में आने वाले नशेड़ियों की संख्या बढ़कर 52207 हो गई। एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार नशे की ओवरडोज की वजह से 2014 से लेकर अब तक व्यापक पैमाने पर मौतें हुई हैं। पिछले डेढ़ साल में अकेले सिरसा जिले में ओवरडोज से काफी मौतें हो चुकी हैं जिनकी उम्र 18 से 30 साल के बीच है।

यूपी, हिमाचल, दिल्ली और पंजाब से सटे जिलों में नशे के ज्यादा मरीज

हरियाणा सरकार के संबंधित विभाग के साल 2025 के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के जो जिले पड़ोसी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब और हिमाचल प्रदेश राज्यों से सटे हुए हैं वहां पर नशे के ज्यादा मरीजों की ओपीडी भी ज्यादा है। हिमाचल प्रदेश से लगते पंचकूला जिले में सबसे ज्यादा 13442 नशे के मरीज ओपीडी में इलाज के लिए आए।

इसके बाद अंबाला जिले में 8192, पंजाब से स्टेटस सिरसा जिले में 7020 और देश की राजधानी दिल्ली और यूपी से सेट गुरुग्राम जिले में 5471 नशे की आदि मैरिज राज के लिए ओपीडी में आए। इनके अलावा हिसार में 4774, यूपी से ही लगते हरियाणा के यमुनानगर में 2898, रोहतक में 1600, जींद में 1413, कुरुक्षेत्र में 1230 और करनाल में 1103 नशे आदि ओपीडी में इलाज के लिए आए।

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बाकी अन्य हर जिले में ओपीडी बनाने वाली मरीजों की संख्या 1000 से नीचे रही। हालांकि पंचकूला यूटी, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश और पंजाब से सटा हुआ है तो यहां दूसरे राज्यों से भी नशे के आदि मरीज इलाज के लिए आते हैं और इसी कारण यहां मरीजों का आंकड़ा ज्यादा बताया जा रहा है।

अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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