कैथल (Kaithal-Karnal Highway)। कैथल-करनाल रोड का लंबे समय के बाद नवीनीकरण होगा। इसके लिए करीब 72 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए संबंधित एजेंसी को टेंडर अलाट किया जा चुका है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। रोड का 25 किलोमीटर का टुकड़ा कैथल में आता है और 36 किलोमीटर करनाल जिले में है। दो शिक्षण संस्थान इस रोड पर बन रहे हैं। कैथल-करनाल रोड प्रदेश के मुख्य मार्गों में से एक है।
Kaithal-Karnal Highway: सड़क की स्थिति बहुत खराब
यह सड़क केवल कैथल और करनाल को ही नहीं जोड़ती, बल्कि पंजाब समेत अन्य जिलों की कनेक्टिविटी का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। इस मार्ग पर रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं और सैकड़ों गांवों के लोग भी इस रास्ते का उपयोग करते हैं। वर्तमान में सड़क की स्थिति बहुत खराब है। आधा फीट गहरे गड्ढे बन चुके हैं, जिससे वाहन चालक गड्ढों से बचने की कोशिश में दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता सुरेंद्र सिंह का कहना है कि जल्द ही रोड पर कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
हाइवे पर गहरे गढ्ढे
करनाल-कैथल हाइवे पर जिले की सीमा में गहरे गड्ढों की भरमार है। गड्ढे ऐसे कि अगर कोई दोपहिया वाहन गड्ढे में गया तो संभलना मुश्किल है। हालांकि इसके नवीनीकरण के लिए बजट पास हुआ है, लेकिन काम कब शुरू होगा कहा नहीं जा सकता। हाइवे पर सुरक्षा के लिए लगाई गई ग्रिल व संकेतक बोर्ड टूटे पड़े हैं। कैथल-चीका रोड खस्ताहाल में पहुंच चुका है। सड़कों पर बिना रिफलेक्टर लगे वाहनों की कतार भी आमतौर पर देखी जा सकती है।
सड़कों पर धुंधली पड़ी सफेद पट्टी
जिले की सड़कों पर वाहन चालकाें के सफर की डगर और भी मुश्किल होने वाली है। सड़कों पर सफेद पट्टी धुंधली पड़ चुकी हैं। जेब्रा क्रासिंग भी गायब होने की कगार पर हैं। सड़कों में गहरे गड्ढे प्रशासन की लचरता को उजागर कर रहे हैं। ऐसे में धुंध के मौसम में हादसे बढ़ने का अंदेशा है, लेकिन जिला प्रशासन के अधिकारी अभी सुस्त मोड में हैं। डीसी सड़क सुरक्षा की बैठक में अधिकारियों को वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर गंभीरता से कार्य करने के सख्त निर्देश देते हैं, लेकिन ये निर्देश अफसरों की खानापूर्ति और गाड़ियों की तेज आवाज में गुम हो रहे हैं।











