नए साल 2026 की शुरुआत हरियाणा सरकार ने अहम नीतिगत फैसलों के साथ की। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की पहली बैठक में कर्मचारियों के हित और शहरी नियोजन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णय लिए गए। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार का फोकस विकास, पारदर्शिता और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना है।
कॉन्ट्रैक्ट ड्राइवरों को राहत, पुरानी पेंशन का रास्ता साफ
कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा फैसला हरियाणा राज्य परिवहन विभाग से जुड़े 347 कॉन्ट्रैक्ट ड्राइवरों को लेकर आया। सरकार ने वर्ष 2002 में संविदा पर नियुक्त इन ड्राइवरों को उनकी प्रारंभिक नियुक्ति तिथि से नियमित कर्मचारी मानने का निर्णय लिया है।
किन सुविधाओं का मिलेगा लाभ
इस फैसले के तहत इन कर्मचारियों को कई दीर्घकालिक लाभ मिलेंगे:
क्वालीफाइंग सर्विस की गणना शुरुआती नियुक्ति से
पुरानी पेंशन योजना का लाभ
एसीपी लाभ और पारिवारिक पेंशन योजना 1964 की पात्रता
जनरल प्रोविडेंट फंड खाता खोलने की सुविधा
सरकारी जानकारी के अनुसार, ये सभी लाभ 31 अगस्त 2024 तक सैद्धांतिक रूप से मान्य होंगे, जबकि वास्तविक वित्तीय लाभ 1 सितंबर 2024 से या सरकार द्वारा तय किसी अन्य कट ऑफ तारीख से दिए जाएंगे।
क्यों अहम है यह फैसला
श्रम और प्रशासनिक मामलों के जानकारों का मानना है कि यह निर्णय उन हजारों संविदा कर्मचारियों के लिए उदाहरण बनेगा, जो वर्षों से नियमितीकरण और सामाजिक सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और सरकारी सेवाओं में स्थिरता आएगी।
कच्ची कॉलोनियों में भूमि रजिस्ट्री पर सख्त रोक
कैबिनेट बैठक में शहरी विकास और अवैध कॉलोनियों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कच्ची कॉलोनियों में रजिस्ट्री पहले से प्रतिबंधित है, लेकिन कुछ मामलों में लैंड एक्सचेंज के जरिए रजिस्ट्रियां कराने के प्रयास सामने आए हैं।
नया नियम क्या कहता है
अब सरकार ने फैसला किया है कि:
कच्ची कॉलोनियों में लैंड एक्सचेंज के माध्यम से भी भूमि रजिस्ट्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी
इस कदम से अवैध कॉलोनियों को वैध बनाने की कोशिशों पर रोक लगेगी
आम लोगों पर क्या असर होगा
शहरी नियोजन विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला भविष्य में अनियोजित शहरी विस्तार को रोकने में मदद करेगा। साथ ही, ईमानदार खरीदारों को कानूनी विवादों और आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकेगा।
आगे क्या हो सकता है
सरकार संकेत दे चुकी है कि आने वाले महीनों में कच्ची कॉलोनियों के पुनर्विकास, कर्मचारियों की सेवा शर्तों और पेंशन सुधारों को लेकर और नीतिगत फैसले लिए जा सकते हैं। इन कदमों से हरियाणा में प्रशासनिक सुधार और नियोजित विकास को गति मिलने की उम्मीद है।












