Kurukshetra PMAY 2.0 housing scheme (कुरुक्षेत्र): प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) यानी पीएमएवाई 2.0 के तहत कुरुक्षेत्र में पक्के मकान का सपना देखने वालों की भीड़ उमड़ रही है। लेकिन कई लोग बिना पात्रता पूरी किए ही आवेदन जमा कर रहे हैं। नगर परिषद और नगर पालिकाओं में आवेदन लेने का सिलसिला जोरों पर है। पहले ऑनलाइन आवेदन करना होता है, फिर मैनुअल फाइल जमा करानी पड़ती है। डिस्ट्रिक्ट म्युनिसिपल कमिश्नर (डीएमसी) ने अधिकारियों को जल्द से जल्द आवेदनों की जांच कर फाइलें हेड क्वार्टर भेजने के सख्त निर्देश दिए हैं।
कुरुक्षेत्र में कितने आवेदन आए?
पीएमएवाई 2.0 के तहत अब तक कुरुक्षेत्र जिले की थानेसर नगर परिषद और चार अन्य नगर पालिकाओं में कुल 2455 आवेदन जमा हो चुके हैं। इनमें थानेसर में सबसे ज्यादा 1016 लोग शामिल हैं, जो पक्के मकान के लिए 2.50 लाख रुपये की सरकारी ग्रांट पाने की उम्मीद में हैं। इसके अलावा इस्माइलाबाद में 540, लाडवा में 336, शाहाबाद में 306 और पिहोवा में 257 लोगों ने कच्चे मकान को पक्का करने के लिए आवेदन किया है।
वेरिफिकेशन में फंसे कई आवेदन
इन 2455 आवेदनों में से अब तक 548 की जांच पूरी हो चुकी है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि 117 आवेदन पात्रता पूरी न करने की वजह से रिजेक्ट कर दिए गए हैं। 135 लोगों के पास प्रॉपर्टी के मालिकाना हक के दस्तावेज ही नहीं हैं। 37 आवेदक तो ऐसे मिले, जिनके पास जमीन तक नहीं है! इसके अलावा 49 लोग नगर परिषद या पालिका की सीमा से बाहर के हैं, फिर भी उन्होंने आवेदन कर दिया। 305 लोगों ने शर्तें जानने के बाद खुद ही अपने आवेदन वापस ले लिए। अब इन सभी गैर-पात्र आवेदनों को भी रिजेक्ट करने की तैयारी है।
पीएमएवाई का लाभ कौन ले सकता है?
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत वे लोग पात्र हैं, जिनका मकान कच्चा है और उनके पास प्रॉपर्टी के मालिकाना हक के दस्तावेज हैं। साथ ही, आवेदक को नगर परिषद या नगर पालिका की सीमा में रहना जरूरी है। पात्र लोगों को सरकार 2.50 लाख रुपये की ग्रांट देती है, ताकि वे अपने कच्चे मकान को पक्का कर सकें।
Kurukshetra डीएमसी के निर्देश जल्द करें पेंडेंसी क्लियर
डिस्ट्रिक्ट म्युनिसिपल कमिश्नर अमन कुमार ने साफ कहा है कि पीएमएवाई के तहत आए सभी आवेदनों की जल्द जांच होनी चाहिए। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वेरिफिकेशन के बाद फाइलें तुरंत हेड क्वार्टर भेजी जाएं, ताकि पात्र लोगों को जल्द से जल्द योजना का लाभ मिल सके।












