भिवानी, हरियाणा (Meri Fasal Mera Byora)। हरियाणा के 78.83% किसान डिजिटलाइज हो चुके हैं। यानी 12,32,834 किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर खरीफ की धान, हरा चारा, बाजरा, मूंग, मोठ, लोबी, मूंग, तिल, गन्ना, कॉटन व ग्वार की 71,49,734 एकड़ खेती का ब्योरा दर्ज करवाया है। लेकिन कृषि संबंधित सुविधाओं का फायदा किसानों के साथ साथ हैकर्स भी उठा रहे हैं।
प्रदेशभर से मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर 1,85, 168 शिकायतें किसानों ने दर्ज करवाई है। गलत तरीके से दूसरों ने अपने नाम दर्ज करवाया है। डिजिटलाइज हुए किसानों के साथ हुए इस स्कैम पर इन्वेस्टिगेशन में सामने आया कि प्रदेशभर के किसानों की खरीफ खेती के बचे रकबे को गलत तरीके से पोर्टल पर चढ़ाया जा रहा है।
फसलों के पंजीकरण में जो फोन नंबर हैं, उनमें कई बंद आए तो कई नूंह व गुजरात के लोगों ने रिसीव किया। अनएक्टिव किसान द्वारा खेत का पंजीकरण न करना ही हैकर्स को सीधा फायदा पहुंचा है। रेवेन्यू डिपार्टमेंट ने अब तक मिली शिकायतों से 1,48,998 शिकायतों का निपटारा कर दिया है।
कृषि विभाग भिवानी से डॉ. संजय मैचू ने बताया कि किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। अपनी शिकायत मेरी फसल मेरा ब्योरा पर ही दर्ज करा सकते हैं।
नूंह के नाम 96.07 फीसदी खरीफ खेती का रकबा दर्ज
मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर खरीफ खेती का ब्यौरा दर्ज करवाने में मेवात के किसान सबसे आगे हैं। यहां के 96.07 प्रतिशत किसानों ने खरीफ खेती का ब्योरा दर्ज करवाया है। इतना ही नहीं यहीं के किसानों ने पंजीकरण गड़बड़ी की सबसे ज्यादा 63,929 शिकायतें दर्ज करवाई हैं। जबकि फरीदाबाद के 39.60% किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर खरीफ खेती का ब्योरा दर्ज करवाया है। डीआरओ राजकुमार भोरिया ने बताया कि कई लोग गलत तरीके से दूसरों की फसलों को दर्ज करवा रहे हैं काफी संख्या में किसानों की शिकायतें मिली है, जिन्हें साथ की साथ निपटा रहे हैं।
कैथल में 1126 शिकायतें 15 दिन पहले दर्ज हुईं
कैथल जिले की 1126 शिकायतें ऐसी हैं, जिनकी खरीफ खेती को किसी ओर ने अपने नाम पंजीकृत करवा रखा है। इन किसानों ने 15 दिन पहले मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करवाई थी। मगर शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। इनमें अम्बाला की 575 शिकायतें, फरीदाबाद से 68, भिवानी से 336, गुरूग्राम से 58, झज्जर से 16, जींद से 162, पंचकूला से 115, पानीपत से 885, रेवाड़ी से 441, रोहतक से 18, सोनीपत से 27 यमुनानगर से 551 व पलवल से 12 शिकायतें 15 दिन से पेंडिंग हैं।












